Haldwani ‘शुद्धिकरण’ विवाद में बड़ा ट्विस्ट!| FIR | Rahul Gandhi | Kharge | Uttarakhand News

Spread the love

हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में अब ऐसा ट्विस्ट आया है, जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी है!जिस मुद्दे पर कांग्रेस कार्रवाई की मांग कर रही थी, उसी मामले में अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। Haldwani’s ‘Purification’ Controversy आखिर ऐसा क्या हुआ कि ‘शुद्धिकरण’ विवाद में शिकायतकर्ता कौन और आरोपी कौन बन गया?कांग्रेस इसे सियासी बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि शिकायत में राहुल गांधी पर ही गंभीर आरोप लगाए गए हैं।तो क्या हल्द्वानी में ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली सियासत शुरू हो गई है? आखिर FIR के पीछे पूरा मामला क्या है? देखिए ये पूरी रिपोर्ट। दोस्तो राजनीति की एक ऐसी तस्वीर जिसने लोकतंत्र और इंसाफ को शर्मसार कर दिया है! इसे कहते हैं ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’! उत्तराखंड के हल्द्वानी में देश के सबसे बड़े दलित नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली होती है। रैली के बाद कुछ लोग वहां ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ और ‘हवन’ करवाते हैं। जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस सामंती और छुआछूत वाली मानसिकता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हैं, तो कमाल देखिए—प्रशासनिक शह पर उन्हीं राहुल गांधी के खिलाफ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा ठोक दिया जाता है! क्या देश में अब जातिवाद के खिलाफ बोलना भी गुनाह हो गया है? क्या पीड़ितों की आवाज उठाने वाले को ही मुजरिम बना दिया जाएगा? सियासत का इससे घटिया और क्रूर मजाक आपने पहले कभी नहीं देखा होगा! जहां गुनाहगार सीना तानकर घूम रहे हैं और सवाल पूछने वाले को पुलिसिया शिकंजे में कसने की तैयारी है! हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। धाराएं लगाई गई हैं—बीएनएस की धारा 196, 299 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(q)! अब आपको बताता हूं आरोप क्या है? आरोप यह है कि राहुल गांधी ने उस ‘शुद्धिकरण’ को जातिगत और छुआछूत का रंग देकर दलितों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई! वाह रे सिस्टम! यानी जो लोग सरेआम समाज को बांटने और एक राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी के बाद मैदान को अपवित्र बताकर गंगाजल छिड़क रहे थे, वे आज खुद को पीड़ित बताकर एफआईआर दर्ज करा रहे हैं! पूरा मामला समझिए।

बीती 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बड़ी रैली होती है। लेकिन इसके ठीक तीन दिन बाद कुछ लोग वहां पहुंचते हैं और बकायदा हवन-पूजन करके मैदान का ‘शुद्धिकरण’ करते हैं! कांग्रेस का साफ आरोप था कि खड़गे जी दलित समाज से आते हैं, इसलिए इस मैदान को अपवित्र मानकर इसका शुद्धिकरण किया गया, जो कि सीधे-सीधे अस्पृश्यता और छुआछूत का अपराध है! राहुल गांधी ने दिल्ली में दहाड़ते हुए कहा था कि ‘यह हमारे संविधान और देश के खिलाफ अपराध है, इसके खिलाफ तुरंत एफआईआर होनी चाहिए’। लेकिन उत्तराखंड की पुलिस ने उन हुड़दंगियों पर कार्रवाई करने के बजाय, राहुल गांधी की आवाज को ही दबाने के लिए जाल बुन दिया। दोस्तो राहुल गांधी पर इस फर्जी मुकदमे के बाद कांग्रेस ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा ने सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि ‘बीजेपी सरकार की यह कार्रवाई उनके दलित विरोधी और संविधान विरोधी आचरण को उजागर करती है’। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे इस डराने-धमकाने वाली राजनीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब एक दलित नेता के सम्मान की बात आई, तो बीजेपी ने असली आरोपियों को बचाने के लिए खुद दलित समुदाय के कुछ चेहरों को आगे कर राहुल गांधी के खिलाफ मोहरा बना दिया! पूरी उत्तराखंड कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रही है। वहीं कांग्रेस ने कह दिया उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। सच्चाई यह है कि इस देश में जब भी कोई शोषितों, वंचितों और दलितों के हक की बात करता है, तो सत्ताधारी तंत्र अपनी पूरी ताकत से उसे दबाने में जुट जाता है। लेकिन क्या राहुल गांधी को मुकदमों से डराया जा सकता है? क्या इस एफआईआर से वो सच छिप जाएगा जो हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सरेआम देश ने देखा? ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली यह सियासत ज्यादा दिन नहीं चलेगी, क्योंकि जनता सब देख रही है कि कौन समाज में छुआछूत फैला रहा है और कौन उसके खिलाफ सीना तानकर खड़ा है।