PM MODI के दौरे का भारी विरोध! | Congress Protest | PM Modi Visit | Uttarakhand News

Spread the love

प्रधानमंत्री Narendra Modi का उत्तराखंड दौरा, एक तरफ भव्य स्वागत, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण लेकिन इसी बीच अचानक गूंज उठे नारे—Modi Go Back!आखिर ऐसा क्या हुआ कि जहां एक ओर उत्साह का माहौल था Congress protest against PM Modi वहीं दूसरी ओर विरोध की आवाजें भी सुनाई देने लगीं?क्या ये विरोध किसी खास मुद्दे को लेकर था या फिर इसके पीछे है कोई बड़ा राजनीतिक संदेश?उस विरोध की पूरी कहानी, वजह और इसके पीछे की सच्चाई। दोस्तो जहां एक तरफ पूरा देहरादून मोदी मय दिखाई दे रहा था। सड़क पर मोदी के रोड शो में भारी सैलाब दिखाई दिया तो वहीं दूसरी ओर एक ऐसी तस्वीर भी जिसने पुलिस प्रशासन के सामने एक बड़ी परेशानी खड़ कर दी, क्योंकि दोस्तो यहां बात चमचमाते एक्सप्रेसवे से इतर प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का विरोध हो रहा था। जी हां सही सुना आपने विरोध भी ऐसा कि नारे लग गए मोदी गो बैक। तो देखा आपने सड़क के दोनों तरफ लोगों का हुजूम मोदी-मोदी के नारे लग रहे हैं, जी हां दोस्तो इन नारों को सुना आपने पुलिस के साथ धक्का मुक्की और वो सब जो एक विरोध में साफ देखा जा सकता है। दोस्तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सौगात दी तो दूसरी तरफ उत्तराखंड दौरे का कांग्रेस ने विरोध किया है। देहरादून जिले के डोईवाला में कांग्रेस नेताओं ने ‘गो बैक’ के नारे लगाकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

दोस्तो ये नजारा तब था जब मोदी ने उत्तराखंड की जमीन पर कदम ही रखा था कि जहां कांग्रेस वाले प्रधानमंत्री से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इस दौरान कई नेता मौजूद रहे, लेकिन कोतवाली के बाहर ही पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। दोस्तो जौलीग्रांट एयरपोर्ट जाने से पहले ही एंट्री बंद कर दी गई, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए देहरादून पहुंच हैं। जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं, वहीं आम जनता में भी खासा उत्साह नजर आया, लेकिन दूसरी तरफ विरोध था और सवाल भी तामा थे। वैसे दोस्तो एक दिन पहले ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पीएम मोदी के लिए सवालों की लिस्ट बता दी। इतना ही नहीं मोदी ठीक दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे को चुनावी दौरा बताया है। उन्होंने कहा अच्छी बात है कि चुनाव का वक्त अब नजदीक है. यह सब चुनावी झमेला है। उन्होंने दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस हाईवे को उत्तराखंड के लिए सौगात बताते हुए कुछ खामियां भी गिनाई हैं वो क्या थी।

  • देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के नामकरण को लेकर मांग
  • एक्सप्रेसवे का नाम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाए
  • अंबेडकर जयंती पर इसे बताया सच्ची श्रद्धांजलि
  • लोकार्पण के साथ शहर में बढ़ते ट्रैफिक पर भी जताई चिंता
  • देहरादून में जाम और bottlenecks की समस्या बढ़ेगी
  • इसका असर आम जनजीवन और यातायात पर पड़ेगा
  • पहाड़ों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है प्रभाव
  • गाड़ियों की आवाजाही धीमी होने से किराया बढ़ने की आशंका
  • सरकार से जनहित में ठोस कदम उठाने की अपील

दोस्तो हरीश रावत ने तो अपनी इस पोस्ट को लंबेचौड़े अंदाज में लिखा लेकिन इसका लबोलबाब ये ही है, एक तरफ विकास की बड़ी सौगात और दूसरी तरफ विरोध की तेज आवाजें।प्रधानमंत्री Narendra Modi के इस दौरे ने जहां उत्तराखंड को एक नई इंफ्रास्ट्रक्चर पहचान दी, वहीं सियासत का तापमान भी बढ़ा दिया।एक ओर जनता का उत्साह, रोड शो में उमड़ा जनसैलाब तो दूसरी ओर विरोध, सवाल और राजनीतिक बयानबाजी।क्या ये विरोध सिर्फ राजनीति का हिस्सा है, या फिर इसके पीछे हैं कुछ ऐसे मुद्दे, जिन पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है?क्या विकास और जनभावनाओं के बीच संतुलन बन पाएगा और क्या आने वाले समय में ये एक्सप्रेसवे सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि सियासत की दिशा भी तय करेगा?फिलहाल तस्वीर दो पहलुओं में बंटी हुई है।