Kunjapuri Mela माफी पर मंत्री का यू-टर्न या दोटूक जवाब?|Subodh Uniyal| Daler Mehndi|Uttarakhand News

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‘माफी मांगने का सवाल नहीं!’ जी हां दोस्तो माफी के दावे पर मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक जवाब— “दलेर मेहंदी से माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता!” आखिर कुंजापुरी मेले के विवाद में माफी को लेकर किसका क्या दावा है? और सिंगर के आचरण पर मंत्री ने फिर क्यों उठाए सवाल? सीधे खबर पर आता हूं। दोस्तो उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की वो रात, जिसने बॉलीवुड से लेकर देश की सियासत तक में एक बड़ा भूचाल ला दिया था! जहां पिछले दो दिनों से मीडिया में यह खबरें चल रही थीं कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है और विवाद का पटाक्षेप हो गया है। वहीं आज मंत्री सुबोध उनियाल ने कैमरे के सामने आकर एक ऐसा एटम बम फोड़ दिया है जिसने मीका सिंह की टीम और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं! दोस्तो सुबोध उनियाल ने दोटूक लहजे में साफ कह दिया है कि उनके माफी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता! उन्होंने सीधा सवाल दागा है कि क्या उन्होंने जनता के हक की बात करके कोई गुनाह किया है? इतना ही नहीं, मंत्री ने अपने पुराने आरोपों को दोबारा हवा देते हुए सिंगर के आचरण पर फिर से तीखा हमला बोला है! दोस्तो उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बैकफुट पर आने वाले नेताओं में से नहीं हैं, और आज उन्होंने अपने एक बयान से इसे पूरी तरह साबित कर दिया है। जहां सिंगर मीका सिंह की टीम की तरफ से आधिकारिक तौर पर यह दावा किया गया था कि सुबोध उनियाल ने फोन कॉल के जरिए दलेर मेहंदी से अपनी बदसलूकी के लिए माफी मांग ली है—वहीं आज मंत्री ने इस दावे को सरेआम झूठ करार देते हुए खारिज कर दिया है।

दोस्तो मंत्री का यह सख्त रुख बताता है कि वे अपने स्टैंड पर 100 फीसदी कायम हैं। उनका साफ कहना है कि जनता के टैक्स के लाखों रुपये लेकर अगर कोई कलाकार दर्शकों की उम्मीदों पर पानी फेरेगा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। दोस्तो यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर की रात को तब शुरू हुआ था जब कुंजापुरी मेले के मंच पर दलेर मेहंदी परफॉर्म कर रहे थे और मंत्री ने बीच में ही माइक थामकर उनका गाना रुकवा दिया था। मंत्री ने तब आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी केवल लिप-सिंक कर रहे हैं और वे गाने की स्थिति में नहीं हैं। आज अपने ताजा बयान में सुबोध उनियाल ने उन आरोपों को और ज्यादा आक्रामक तरीके से दोहराया है। दोस्तो मंत्री के इस बयान ने बॉलीवुड के उन तमाम दिग्गजों को तगड़ा झटका दिया है, जो दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरकर सार्वजनिक अपमान की बात कह रहे थे। कपिल शर्मा, अनुपम खेर और बादशाह जैसे कलाकारों ने दावा किया था कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और वे हाल ही में हुई एक सर्जरी के कारण अस्वस्थ थे। लेकिन मंत्री उनियाल का कहना है कि अगर वे बीमार थे, तो उन्हें इतने बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक मंच पर आकर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए था। दोस्तो इस पूरे विवाद में दलेर मेहंदी के छोटे भाई और मशहूर सिंगर मीका सिंह ने मोर्चा संभाला हुआ था। मीका सिंह ने खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की थी और दावा किया था कि सीएम धामी ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद विनम्रता से बात करते हुए सरकार की तरफ से खेद जताया था।

दोस्तो मीका सिंह की टीम ने जब मंत्री के कथित माफीनामे का स्वागत किया था, तो ऐसा लगा था कि अब यह मामला यहीं शांत हो जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री के रुख से इतर, खुद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जिस तरह ‘नो सॉरी’ का बोर्ड टांग दिया है, उसने उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी और सरकार के भीतर के सामंजस्य पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मेला समिति के अध्यक्ष ने भी साफ कर दिया है कि मंत्री की तरफ से कोई माफी नहीं मांगी गई। दोस्तो सुबोध उनियाल के इस ताजा और बेहद कड़े बयान के बाद गेंद अब एक बार फिर से म्‍यूजिक इंडस्‍ट्री और मेहंदी बंधुओं के पाले में जा गिरी है। एक तरफ कलाकारों के सम्मान और गरिमा की दुहाई दी जा रही है, तो दूसरी तरफ एक जनप्रतिनिधि का यह अड़ियल दावा है कि वे जनता के पैसे की बर्बादी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। दोस्तो देखना दिलचस्प होगा कि मंत्री के इस ‘नशे वाले’ नए प्रहार और माफी के दावों को सिरे से खारिज करने के बाद मीका सिंह और दलेर मेहंदी का क्या पलटवार आता है। लेकिन एक बात साफ है—कुंजापुरी मेले से भड़की यह चिंगारी अब एक ऐसी सियासी और ग्लैमरस जंग बन चुकी है, जो इतनी जल्दी शांत होने वाली नहीं है।