Uttarakhand: चीन के बच्चों में फैल रही ‘रहस्यमयी बीमारी’, अलर्ट मोड़ पर राज्य सरकार..जारी किए दिशा-निर्देश

चीन के अस्पतालों में इस समय बड़े पैमाने पर सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करने वाले लोग पहुंच रहे हैं। जिसे देखते हुए उत्तराखंड भी सतर्क हो गया है। इसके लिए चिकित्सकों ने भी अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

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दुनिया ने कोरोना वायरस के प्रकोप से उबर ही रही है कि इस बीच चीन में एक रहस्यमय बीमारी ने सबको टेंशन में ला दिया है। alert on mycoplasma pneumonia इन दिनों चीन नें सांस से जुड़ी रहस्यमय बीमारी के बारे में पता चला है। वहां बड़े पैमाने पर बच्चों को निमोनिया हो रहा है। मामले बढ़ने पर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बाद उत्तराखंड भी सतर्क हो गया है। उत्तराखंड में इन दिनों वायरल निमोनिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि बदलते मौसम के बीच उत्तराखंड में निमोनिया से जुड़े चीन के इस वायरस का असर नहीं दिखाई दे रहा है। बावजूद इसके उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को अलर्ट जारी कर दिया है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि चीन में बच्चों में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्य में सर्विलांस बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि राज्य में अभी तक इस तरह का कोई मामला नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जिलों को भी अस्पतालों में विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। देहरादून में ही बाल चिकित्सकों के पास आने वाले बच्चों में 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे निमोनिया की शिकायत से पीड़ित दिखाई दे रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि देहरादून के दून अस्पताल में ही हर दिन करीब 40 बच्चे विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें करीब 25 से ज्यादा बच्चे निमोनिया की शिकायत से ग्रसित दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी बच्चों के निमोनिया की शिकायत के साथ पहुंचने का बड़ा आंकड़ा सामने आ रहा है। हालांकि, चिकित्सक मानते हैं कि यह चीन में माइकोप्लाज्मा निमोनिया से कम घातक है। लेकिन इस दौरान अभिभावकों को बच्चों को लेकर विशेष एहतियात बरतनी बेहद ज्यादा जरूरी है।