पड़ोसी देश नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के कारण व्यापक तबाही मची है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 160 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग लापता है। Flood In Nepal नेपाल में मची इस भीषण तबाही के बाद उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और सीमावर्ती जिलों, विशेषकर चंपावत में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तराखंड के तीन प्रमुख जिले—पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर—नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। इनमें चंपावत को सबसे संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें शारदा बैराज, शारदा घाट और निचले तटीय इलाकों में जीवन रक्षक उपकरणों के साथ लगातार गश्त कर रही हैं ताकि जलस्तर में किसी भी अचानक बढ़ोतरी पर काबू पाया जा सके।
उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। नेपाल की बाढ़ में उत्तराखंड के कई नागरिकों और पर्यटकों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC), देहरादून ने चौबीसों घंटे चालू रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और राज्य की जनता नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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