Pantnagar श्रमिकों ने मांगा हक मिली लाठियां! | SIDCUL | Protest | Law And Order | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो वो तपती धूप में अपना हक मांग रहे थे लेकिन उनको मिला क्या पुलिस की लाठियां कैसे उधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल में आखिर हालात इतने बिगड़ कि मामले पर भयंकर बवाल हो गया। कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे श्रमिक अचानक उग्र क्यों हो गए? क्या प्रशासन और प्रबंधन के बीच बातचीत की कोई कोशिश नाकाम रही? क्या हालात को संभालने के लिए किया गया पुलिस का बल प्रयोग वाकई जरूरी था, या फिर स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई? आखिर श्रमिकों की “हक की मांग” टकराव में क्यों बदल गई और अब आगे इस पूरे मामले का समाधान कैसे निकलेगा? दोस्तो ये तस्वीर कहीं और की नहीं है हालांकि ऐसे तस्वीरें हमने नोएडा में देखी थी कुछ रोज पहले लेकिन अब ये मामला उत्तराखंड के श्रमीकों का है उनके हक का है। दोस्तो उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर सिडकुल स्थित वी-गार्ड में श्रमिकों का धरना आज उग्र रूप ले बैठा. मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां हल्के बल प्रयोग के बाद कई श्रमिकों के घायल और बेहोश होने की खबर है, बेहोश होने वालों में महिला श्रमिक भी हैं। उधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में स्थित वी-गार्ड कंपनी के बाहर चल रहा श्रमिकों का धरना उग्र हो गया। जानकारी के अनुसार, श्रमिक पिछले कई दिन से अपनी मांगों को लेकर कंपनी परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, जो अचानक तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तहसीलदार दिनेश कुटेला और पंतनगर सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को कंपनी परिसर से बाहर करने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया, जिससे माहौल और अधिक बिगड़ गया।

दोस्तो प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोगों को चोटें आईं और कुछ श्रमिक बेहोश हो गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घायल श्रमिकों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। दोस्तो दोस्तो घटना के बाद कंपनी परिसर के बाहर हंगामा जारी है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। मौके पर एंबुलेंस भी पहुंची, लेकिन कई श्रमिकों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। दोस्तो अब आपको थोड़ा इस बवाल की असल वजह को बताता हूं और मांग क्या है बल ऐसी और इतनी बड़ी जिसे पूरा नहीं किया जा सकता या उसका कोई समाधान ही नहीं है। दोस्तो फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि सिडकुल में इस समय वी-गार्ड, महाबल ऑटो इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और बेलाराइज जैसी कई कंपनियों में काम करने वाले श्रमिक अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें न तो समय पर बोनस मिलता है और न ही भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक है। इसके साथ ही उनकी सबसे बड़ी मांग वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की है तो यह था पूरा मामला पंतनगर सिडकुल का, जहां श्रमिकों की मांगें और प्रशासनिक कार्रवाई आमने-सामने आ गईं और हालात तनावपूर्ण हो गए।फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिशें भी जारी हैं।अब देखना होगा कि क्या श्रमिकों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय निकलता है या यह विवाद आगे और लंबा खिंचता है ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।