उत्तराखंड में मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है और अब तूफान लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। सवाल ये है कि क्या आप इस खतरे के लिए तैयार हैं?तेज अंधड़ ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है—घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और कई गांव अंधेरे में डूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। चेतावनी साफ है—तेज हवाओं और बदलते मौसम को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। क्या आपने अपनी सुरक्षा के इंतजाम कर लिए हैं? क्योंकि अगला झोंका कितना खतरनाक होगा, ये कोई नहीं जानता। दोस्तो उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में 28 अप्रैल अचानक मौसम ने करवट ली और धूल भरी तेज हवा चलना रिकॉर्ड किया गया है। इससे कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। पिथौरागढ़ के बेरीनाग में भी तेज हवा और अंधड़ चलने से जगह-जगह पेड़ गिरने की घटना घटी। इससे कुछ मोटर मार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित हुए। दूसरी तरफ तेज हवा के चलने से कुछ लोगों की मकान की टीन निर्मित छत भी उड़ गई। जबकि कई गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। दोस्तो पिथौरागढ़ के बेरीनाग में तेज हवा और अंधड़ ने काफी नुकसान पहुंचाया।
दोस्तो खबर के मुताबिक तेज हवा के कारण उड़ियारी चौकोड़ी मोटर मार्ग के बीच में कई स्थानों पर चीड़ के विशालकाय पेड़ गए, जिससे मार्ग बंद हो गया, जबकि उड़ियारी गांव में कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं दोस्तो उड़ियारी बैंड चौकोड़ी मोटर मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही बेरीनाग कोतवाली से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लकड़ी काटने वाली मशीनों से पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ काटे. एनएच के द्वारा जेसीबी मशीन भेजकर पेड़ों को हटाया गया, तब जाकर मार्ग खोला गया। हालांकि, इस कार्रवाई में काफी समय लग गया। इसके अलावा दोस्तो कई क्षेत्रो में इस दौरान मोर्ट मार्ग पर शादी के बारात के वाहन और पर्यटक वाहन भी फंसे रहे। मार्ग को देर तक नहीं खोलने को लेकर एनएच के प्रति लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला. उधर, चौकोड़ी, उड़ियारी, बैठोली, खितोली, नागिलागांव, त्रिपुरादेवी, देवीनगर गांवों में बिजली लाइनें टूटने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। इस तूफानी नुकसान पर एसडीएम की तरफ ये कहा गया है कि सभी क्षेत्रों से नुकसान की रिपोर्ट के लिए राजस्व उप निरीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं, लेकिन दोस्तो दोपहर बाद चली तेज हवा के बाद शाम को बारिश के फुहारे भी देखने को मिले. जिससे पिछले एक हफ्ते से जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक शांत हो गई. इससे वन विभाग को राहत मिली है। अभी तक जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा का नुकसान को रिकॉर्ड किया गया है.उधर, धारचूला में भी उप जिला चिकित्सालय परिसर में अंधड़ से वाहनों को नुकसान पहुंचा।
दोस्तो देवभूमि बागेश्वर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। नए सरयू ब्रिज पर अचानक आए तूफान का ऐसा खौफनाक मंजर दिखा कि कुछ ही सेकंड में हालात बदलते नजर आए। सवाल ये है कि आखिर मौसम इतना अचानक कैसे बदल गया? वीडियो में साफ दिख रहा है कि तेज हवाएं किस तरह पुल पर चल रहे लोगों और वाहनों को प्रभावित कर रही हैं। क्या यह सिर्फ एक सामान्य मौसमी बदलाव है या फिर आने वाले समय में ऐसे तूफान और भी खतरनाक रूप ले सकते हैं? और सबसे अहम—क्या हम इस तरह की अचानक आपदाओं से निपटने के लिए तैयार हैं? दोस्तो इधर उत्तराखंड में गर्मी का सितम जारी है. जहां राजधानी देहरादून समेत तमाम मैदानी इलाके भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में हैं, वहीं प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी का आदेश जारी कर दिया। दूसरी ओर, पौड़ी और टिहरी जैसे पहाड़ी जिलों में चिलचिलाती धूप और सूखे मौसम ने जंगलों की आग का खतरा बढ़ा दिया है। राहत की उम्मीद अब 28 अप्रैल से है, जब पहाड़ों की चोटियों पर बर्फबारी और मैदानों में तेज आंधी-बारिश का दौर शुरू होगा। इस मौसमी उथल-पुथल के बीच स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक को लेकर भी चेतावनी जारी की है, जानिए अगले चार दिनों तक आपके शहर में मौसम कैसा रहेगा और इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए विशेषज्ञों ने क्या खास सलाह दी है।