उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में एक साथ 400 लोगों के HIV पॉजिटिव होने की सोशल मीडिया खबरों को स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय की निदेशक डॉ. शिखा जंगपांगी ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा यह आंकड़ा किसी अचानक हुए संक्रमण का नहीं, बल्कि वर्ष 2002 से सितंबर 2026 तक (पिछले 24 वर्षों में) जिले में दर्ज किए गए कुल मामलों का संचयी डेटा है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में केवल 250 के करीब सक्रिय मरीज ही ART सेंटर से नियमित उपचार ले रहे हैं। इसके साथ ही, सीमांत क्षेत्र होने के कारण पड़ोसी देश नेपाल के नागरिकों द्वारा जिला अस्पताल में कराए गए इलाज का डेटा भी इस कुल रिकॉर्ड में शामिल है, जिससे यह संख्या बढ़ी हुई दिख रही है। इस संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) स्तर से भी मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया है कि कोरोना महामारी के बाद से प्रवासियों की वापसी और व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलने के कारण सालाना नए मामलों में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स का नशा और इंजेक्शन की सुइयों को आपस में शेयर करना संक्रमण के नए मामलों का एक बड़ा कारण बनकर उभरा है। इसके अलावा, असुरक्षित टैटू बनवाना और प्रवासियों के माध्यम से संक्रमण भी बड़ी वजहें हैं, जिसमें हैरान करने वाली बात यह है कि इस कुल आंकड़े में 60 से 75 वर्ष के करीब 35 बुजुर्ग भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और युवाओं को नशे व असुरक्षित सुइयों से दूर रहने के प्रति आगाह किया है।