कार्यक्रम रद्द, आपदा पीड़ितों के द्वार पहुंचे धन सिंह रावत

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उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राठ क्षेत्र के अपने पूर्व निर्धारित दो दिवसीय कार्यक्रमों को स्थगित कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, ताकि संकट में फंसे नागरिकों के कष्ट को शीघ्रता से कम कर अधिकतम राहत सुनिश्चित की जा सके। Dhan Singh visits disaster-affected village पौड़ी गढ़वाल जिले में लगातार भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सीमित प्रशासनिक संसाधनों और समय का अधिकतम सदुपयोग करते हुए, मंत्री ने औपचारिक आयोजनों के स्थान पर आपदा प्रबंधन और नागरिकों की प्राथमिक सुरक्षा को वरीयता दी। लगातार भूस्खलन और मलबे के कारण क्षेत्र के मुख्य संपर्क मार्ग और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। सामान्य वाहनों की आवाजाही रुकने के बावजूद, राहत व प्रशासनिक समन्वय में देरी से बचने के लिए डॉ. रावत एक ऑल्टो कार में लिफ्ट लेकर आगे बढ़े और फिर कई किलोमीटर दुर्गम रास्तों पर पैदल चलकर चाकीसैंण तहसील के डुंगरी तल्ली गांव पहुंचे।

डुंगरी तल्ली पहुंचकर उन्होंने आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए 23 परिवारों से मुलाकात की। मौके पर ग्रामीणों ने टूटी सड़कों, पेयजल संकट और आवागमन बंद होने से उत्पन्न कठिनाइयों से अवगत कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक कल्याण और मूलभूत सुविधाओं की बहाली राज्य की शीर्ष प्राथमिकता है। संपर्क मार्गों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए, ताकि आवश्यक वस्तुओं और आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति बिना रुकावट बहाल हो सके। नियमों के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को बिना किसी अनावश्यक देरी के आर्थिक मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय मुआयना करने के बाद, उन्होंने पैठाणी में आयोजित ‘युवा संवाद’ में भी प्रतिभाग किया, जहाँ संकट प्रबंधन और सामुदायिक सहयोग के महत्व पर विचार-विमर्श हुआ। इस संपूर्ण प्रयास का मुख्य केंद्र बिंदु यह सुनिश्चित करना रहा कि संकट के समय प्रशासनिक दखल से जनहानि और परेशानियों को न्यूनतम कर पीड़ितों की भलाई को अधिकतम किया जा सके।