केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा: मासूम ने गंवाई जान, रातभर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

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केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए एक परिवार के लिए रविवार की शाम जीवनभर का नासूर बन गई। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप अचानक पहाड़ी से गिरे मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में आने से उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक पांच वर्षीय मासूम बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। Accident On Kedarnath Yatra Route इस हादसे के बाद पैदल मार्ग पर भारी अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मार्ग पर फंसे करीब 1,500 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले रोहताश यादव अपने पांच वर्षीय बेटे यश के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन करने उत्तराखंड आए थे। रविवार शाम करीब 4:30 बजे जब यह परिवार केदारनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट रहा था, तभी चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। जब तक लोग कुछ समझ पाते, एक भारी पत्थर की चपेट में आने से मासूम यश की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात जिला आपदा रेस्क्यू फोर्स और यात्रा मार्ग फोर्स के जवान तुरंत हरकत में आए। रेस्क्यू टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बीच बच्चे के शव को मलबे से निकाला और पालकी के माध्यम से एमआरपी भैरव मंदिर (जंगलचट्टी) पहुंचाया, जहां से उसे आगे भेजने की कार्रवाई की गई। चीरबासा क्षेत्र में हुए इस भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गया था। मार्ग के दोनों ओर सैकड़ों यात्री फंस गए और पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तुरंत बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने टॉर्च और सर्च लाइटों की मदद से रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। खतरनाक पैच पार करवाकर मार्ग पर फंसे लगभग 1,100 से 1,500 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।