क्या दोस्तो उत्तराखंड के एक छोटे से शहर अल्मोड़ा के लड़के ने सचमुच एक उड़ने वाली कार बना दी है? या फिर सोशल मीडिया पर दावा करने वाले ट्रोलर्स सही हैं, क्योंकि दोसतो देश भर के कई ट्रोलर्स हैं जो रवी के इनोवेश पर उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन इस बार रवि टम्टा ने एक वीडियो के जरिए ट्रोलर्स की बलती बंद कर दी है। कैसे रवि के इनोवेश को चीन से मंगाया हुआ एक सस्ता ड्रोन बता रहे लोगो रवि टम्मटा ने क्या दिया जवाब। दोस्तो इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के रवि टम्टा और उनकी फ्लाइंग कार सबसे बड़ा सस्पेंस बन चुकी है, जहाँ एक तरफ देश के बड़े-बड़े नेता और खुद सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रवि की तारीफ करते नहीं थक रहे, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया की ‘ट्रोल सेना’ रवि के इस सपने को फर्जी बताने में जुटी है, लेकिन अब रवि टम्टा ने चुप रहने के बजाय, इन ट्रोलर्स को ऐसा करारा जवाब दिया है कि सबकी बोलती बंद हो गई है!
दरअसल, दोस्तो जैसे ही रवि टम्टा का ये इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल इंटरनेट पर वायरल हुआ, कुछ लोगों ने कमेंट्स में लिखना शुरू कर दिया कि यह कोई नया आविष्कार नहीं है। ट्रोलर्स का कहना था कि रवि ने चीन से रेडीमेड पार्ट्स या पूरा का पूरा ड्रोन ढांचा इम्पोर्ट (आयात) किया है और उस पर सिर्फ अपना नाम चिपका दिया है। देखते ही देखते रवि की सालों की मेहनत पर शक के बादल मंडराने लगे। लोग पूछने लगे कि बिना किसी बड़ी लैब या करोड़ों के फंड के, अल्मोड़ा की एक साधारण सी वर्कशॉप में कोई इतनी बड़ी तकनीक कैसे तैयार कर सकता है? लेकिन रवि टम्टा डरने वालों में से नहीं थे। उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ट्रोलर्स को एक खुला चैलेंज दे डाला है! रवि ने साफ-साफ कहा आजकल सोशल मीडिया में एक बात काफी चल रही है कि कमाल की बात है और यदि आर्ट का स्टूडेंट रहा और क्राइम व्हीकल बना रहा है। लेकिन भाई असली कमाल की बात यह है कि मैं साइंस का स्टूडेंट रहा हूँ और मान लो यदि मैं आर्ट का स्टूडेंट होता भी तो भी क्या फर्क पड़ता है। तो दोस्तो रवि टम्टा कहते हैं- कि ये कोई तर्क नहीं है। दुनिया में दुनिया में बहुत सारी टेक्नोलॉजीज पहले से मौजूद हैं। असली सवाल यह नहीं है कि क्या वे पहले कहीं बन चुके हैं या नहीं? असली सवाल यह है कि क्या हम बेहतर और एक्सेसिबल तरीके से काम कर रहे हैं? और मैं अपने देश के युवाओं से यह कहना चाहता हूँ कि लोग क्या कहेंगे इस डर से आप अपने आइडियाज को मत छोड़िए।
आपका बैकग्राउंड साइंस से हो, आर्ट्स से हो, इंजीनियरिंग से हो, छोटे शहर, बड़े शहर, आपका बैकग्राउंड क्या है? जो आपके सपनों की सीमाएं तय नहीं करता। रवी दोस्तो यहीं नहीं रुकते .. वो देश और प्रदेश के युवाओं का हौसला बढा रहे हैं वो कहते हैं अपने बैकग्राउंड को अपनी कमजोरी मत समझिए। हो सकता है आपका एक छोटा सा आइडिया कल किसी बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत बन जाए। बाकी क्या होगा ये वक्त बताएगा लेकिन कोशिश पूरी रहेगी और आप सभी के प्यार और यूथ सपोर्ट के लिए एक बार फिर से बहुत-बहुत धन्यवाद। वैसे दोस्तो इससे पहले भी रवि कई बार अपने इनोवेशन को लेकर कई बातें बता चुका हैं लेकिन सवाल करने वालों को कौन रोक सकता है .. दोस्तो रवि टम्टा ने खुलासा करते हुए बताया कि उनके पास इस फ्लाइंग कार को बनाने के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक के 50 से भी ज्यादा तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड मौजूद हैं, वैसे ये बाते वो पहले भी कह चुके हैं, लेकिन इस बार उनका अंदाज बेहद ही तल्ख किसम दिखाई दिया और उनका चैलेंज भी। यह पूरी तरह से एक स्वदेशी ‘मेक इन इंडिया’ प्रोटोटाइप है, जिसे उन्होंने खुद ड्रोन टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके पहाड़ों की मुश्किलों को आसान करने के लिए बनाया है।दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या रवि टम्टा का यह स्वदेशी प्रयास भारत में एविएशन सेक्टर को बदल कर रख देगा? ट्रोलर्स को दिए उनके इस जवाब पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं। वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक करें, उत्तराखंड के इस हुनर के लिए वीडियो को शेयर करें और