शीतकाल के लिए 17 अक्टूबर को बंद होंगे भगवान रुद्रनाथ के कपाट, यहां होगी शीतकालीन पूजा

Spread the love

पंचकेदारों में प्रतिष्ठित चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आगामी 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए जाएंगे। The doors of Lord Rudranath रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पंचांग गणना और ज्योतिषीय विश्लेषण के बाद मंदिर के कपाट बंद करने की तिथि और समय की औपचारिक घोषणा की गई। आगामी 6 महीने तक भगवान रुद्रनाथ की शीतकालीन पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में संपन्न होगी। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य हरीश भट्ट के अनुसार, 17 अक्टूबर को कार्तिक संक्रांति के अवसर पर शाम 7 बजकर 47 मिनट पर जब सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा, उसी समय कपाट बंदी की वैदिक प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद रात ठीक 8:00 बजे मंत्रोच्चार और परंपराओं के साथ मंदिर के कपाट आगामी 6 महीनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 18 अक्टूबर: उत्सव डोली सुबह रुद्रनाथ धाम से चलकर रात्रि प्रवास के लिए डुमक गांव पहुंचेगी। 19 अक्टूबर: डोली डुमक से प्रस्थान कर कुजौं गांव में विश्राम करेगी। 20 अक्टूबर: देवर गांव होते हुए डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) पहुंचेगी। यहां विधि-विधान पूर्वक विराजमान होने के बाद शीतकालीन दर्शन व नियमित पूजा शुरू होगी।