ये राक्षसी गैंग के सदस्य हैं, दोस्तो क्या कानून के रखवाले ही कानून को चुनौती दे रहे हैं? क्या सत्ता और वर्दी के पीछे छिपा है कोई खौफनाक सच? और क्या पिथौरागढ़ में जो हुआ, वह सिर्फ एक मामला है या किसी बड़े खेल की शुरुआत?पिथौरागढ़ से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप इतने गंभीर हैं कि उंगलियां उठ रही हैं एक पूर्व IPS अधिकारी पर—जिस पर अब केस दर्ज हो चुका है।पीड़ित का दावा है—“ये कोई साधारण लोग नहीं, ये राक्षसी गैंग के सदस्य हैं! कैसे पूर्व आई पीएस पर केस हो गया दर्ज, क्या है मामला बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो खबर पिथौरागढ़ से हैं जहां जिला कोर्ट के आदेश पर पिथौरागढ़ के पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह के खिलाफ कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह पर व्यापारी के साथ मारपीट समेत कई धाराएं लगाई गई हैं जिसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोस्तो दरअसल, पिथौरागढ़ के व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक अर्जी दी थी, जिसमें व्यापारी ने कहा था कि पुलिस क्वार्टर का गंदा पानी कॉलोनी में बह रहा था. इससे लोगों को परेशानी हो रही थी। इस शिकायत को लेकर 6 फरवरी 2023 को वो अपने बेटी के साथ एसपी कार्यालय गए। तो व्यापारी का आरोप है कि उन्हें पुलिसकर्मियों की ओर से निर्वस्त्र कर पीटा गया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। मेडिकल में उनके शरीर पर चोट लगने की पुष्टि भी हुई थी जब वो इस मामले में शिकायत करने कोतवाली गए तो मुकदमा दर्ज नहीं किया गया.पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने व्यापारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए बीती 7 अप्रैल 2026 को पुलिस को तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह समेत अन्य के खिलाफ धारा 323, 342, 355, 504, 506, 392 और 120 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
दोस्तो कोतवाल ललित मोहन जोशी के बताया न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पिथौरागढ़ के व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने लोकेश्वर सिंह की शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में भी कराई थी। प्राधिकरण ने मामले की सुनवाई करते हुए आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह को दोषी ठहराते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। यहां दोस्तो आपको बता दूं कि लोकेश्वर सिंह साल 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। उन्होंने हरिद्वार, देहरादून, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में सेवाएं दीं। उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह का पौड़ी में एसएसपी रहने के दौरान साल 2025 में संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय संगठन में चयन हुआ था। यूएन से संबद्ध संगठन में चयन होने पर लोकेश्वर सिंह अक्टूबर 2025 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था लेकिन आज जब केस दर्ज होने की बात सामने आई है तो पीडित लक्ष्मिदत्त जोशी ने खुशी जाहिर कि है और वो इंसाफ की उम्मीद लगाए हैं। पिथौरागढ़ से सामने आया ये मामला कई बड़े सवाल खड़े करता है।क्या सच में वर्दी की आड़ में किसी तरह का दबाव बनाया गया?क्या पीड़ित को आखिरकार मिलेगा इंसाफ या फिर ये मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?फिलहाल, अदालत के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हो चुका है और अब सबकी नजरें जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।पीड़ित को न्याय मिलेगा या नहीं—ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था और जवाबदेही पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।