Baba Neem Karoli के दर पर उमड़ी बेकाबू भीड़! | Kainchi Dham | Hanuman Ansh | Uttarakhand News

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दोस्तो फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा सिस्टम हांफता नजर आया! कहीं 4 किलोमीटर लंबी कतार, कहीं घंटों का जाम। आखिर बाबा के दरबार में क्यों उमड़ पड़ा भक्तों का महा-सैलाब? गाड़ियां छोड़ पैदल निकलने को मजबूर श्रद्धालु, पुलिस-प्रशासन के भी छूटे पसीने! 50 लाख श्रद्धालुओं के अनुमान और ₹40 करोड़ के मेगा प्लान के बीच, क्या संभल पाएगा कैंची धाम का सिस्टम? दोस्तो जब बड़े पर्दे पर सनातन संस्कृति की गूंज होती है, तो धरातल पर आस्था का कैसा महा-सैलाब उमड़ता है, इसका साक्षात गवाह इस वक्त उत्तराखंड का कैंची धाम बन रहा है! हाल ही में रिलीज हुई भक्तिप्रधान फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने पूरी दुनिया में ऐसा तहलका मचाया है कि बाबा नीम करोली के पावन धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित और ऐतिहासिक उछाल आ चुका है दोस्तो जहाँ सामान्य दिनों में महज कुछ हजार लोग आते थे, वहाँ आज रोज़ाना पैर रखने की जगह नहीं बच रही है। साल 2026 में अब तक 50 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का वो रिकॉर्ड बन चुका है, जिसने बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। 4-4 किलोमीटर लंबी कतारें और नैनीताल हाईवे पर मीलों लंबा जाम! दोस्तो ये भीड़ ये कोई आम चुनावी रैली या मेला नहीं है, यह नज़ारा है बाबा नीम करोली के कैंची धाम का। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के ब्लॉकबस्टर होने के बाद से भक्तों की उत्सुकता इस कदर बढ़ी है कि कैंची धाम जाने वाले रास्तों पर गाड़ियों का रेला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आंकड़ों की बात करें तो, जहाँ आम दिनों में 4,000 से 5,000 लोग आते थे, वहीं अब रोज़ाना 6,000 से अधिक और वीकेंड या छुट्टियों के दिन यह संख्या 15,000 से लेकर 30,000 के पार पहुँच रही है! हालात ऐसे हो चुके हैं कि नैनीताल से कैंची धाम के महज 11 किलोमीटर के सफर को तय करने में लोगों के 3 से 6 घंटे बर्बाद हो रहे हैं।

दोस्तो जो सिस्टम कल तक केवल कागजों पर धार्मिक पर्यटन के कसीदे पढ़ रहा था, आज जब ‘हनुमान अंश’ के प्रभाव से लाखों लोग धरातल पर उतर आए, तो पूरे भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग का चक्का ही जाम हो गया! भीड़ इतनी विकराल है कि मंदिर परिसर के बाहर 3 से 4 किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं। बाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों को 5-5 घंटे इंतज़ार करना पड़ रहा है। आलम यह है कि अत्यधिक भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के भीतर एक मिनट से अधिक रुकने या शांति से बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने तक का समय नहीं मिल पा रहा है। लोग गाड़ियां हाईवे पर ही छोड़कर पैदल दौड़ने को मजबूर हैं दोस्तो वीकेंड पर हालात बेकाबू होते देख अब उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इमरजेंसी रूट डायवर्जन प्लान लागू करना पड़ा है। बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहनों को सीधे कैंची धाम जाने से रोक दिया गया है और उन्हें भीमताल विकास भवन पार्किंग में पार्क कराया जा रहा है, जहाँ से शटल सेवा चल रही है। अल्मोड़ा और रानीखेत से हल्द्वानी की ओर आने वाले भारी वाहनों को क्वारब और खैरना से डायवर्ट कर रामगढ़-मुक्तेश्वर मार्ग से भेजा जा रहा है। भवाली सैनेटोरियम तिराहे पर पुलिस का सख्त पहरा है और गाड़ियों को केवल चरणबद्ध तरीके से ही आगे छोड़ा जा रहा है ताकि कैंची धाम के पास व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त न हो जाए। दोस्तो लेकिन यह शॉर्ट-टर्म प्लान इस वैश्विक भीड़ को कब तक संभालेगा? इसी को देखते हुए धामी सरकार अब ₹40 से ₹42 करोड़ का एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इस मास्टर प्लान के तहत कैंची धाम के पास 500 से अधिक वाहनों की क्षमता वाली आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। आपातकालीन सेवाओं और वीआईपी मूवमेंट के लिए रूफटॉप हेलीपैड, एक नया भव्य मेडिटेशन सेंटर और अंतरराष्ट्रीय स्तर का फूड कोर्ट भी बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, भविष्य में भीड़ को रेगुलेट करने के लिए चारधाम यात्रा की तर्ज पर ऑनलाइन स्लॉट-वाइज़ बुकिंग और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था अनिवार्य करने पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है दोस्तो  साफ बात यह है कि ‘हनुमान अंश’ फिल्म ने कैंची धाम को आस्था के एक ऐसे ग्लोबल हब में बदल दिया है, जिसकी कल्पना शायद कभी किसी ने नहीं की थी। लेकिन इस भारी लोकप्रियता को संभालने के लिए सरकार को अपने ढीले सिस्टम को रफ्तार देनी होगी, क्योंकि अव्यवस्था से भक्तों की आस्था को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए। अगर आप भी इस वीकेंड बाबा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो रूट डायवर्जन और भारी जाम को ध्यान में रखकर ही घर से निकलें। इस बदलते धार्मिक पर्यटन और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।