क्या बद्रीनाथ धाम के CCTV कैमरों में ऐसा कुछ कैद हुआ है, जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया? क्या श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना प्रक्रिया पर उठे सवालों का जवाब इन्हीं कैमरों में छिपा है? आखिर सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों के बाद BKTC को जांच क्यों बैठानी पड़ी? और क्या सच में CCTV फुटेज पूरे मामले की तस्वीर साफ कर पाएगी? जहां देश में थी राममंदिर से चंदा चोरी की चर्चा। वहीं उत्तराखंड में बद्रीनाथ में चंदे की बंदर बांट ने बचाया है बवाल। जी हाम दोस्तो बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों के बाद मामला लगातार सुर्खियों में है। आरोपों के बीच बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने जांच के आदेश दिए हैं। समिति का कहना है कि उपलब्ध CCTV फुटेज, दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों से मिले जवाबों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दोस्तो तो आखिर क्या हैं पूरे आरोप, CCTV फुटेज की भूमिका क्या है और अब जांच किस दिशा में बढ़ रही है? दोस्तो राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला इन दिनों चर्चा में है। इस बीच अब बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आए हैं। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि सोशल मीडिया में बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के संबंध में जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मंदिर समिति ने काफी गंभीरता से लिया है। दोस्तो इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व तथ्यपरक जांच के लिए जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के उपरांत अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका कोई निजी सचिव नहीं है। संबंधित कर्मचारी श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पर्सनल असिस्टेंट के रूप में पूर्व में मंदिर समिति के तीन अध्यक्षों के साथ काम कर चुका है। दोस्तो यहां मै आपको बता दूं कि मंदिर समिति से जुड़े सूत्रों के अनुसार बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती है। दान की थैलियां खोले जाने के दौरान घोषणा की जाती है। इस प्रक्रिया में बैंक के कर्मचारी, मंदिर समिति के अधिकारी, प्रोटोकॉल अधिकारी व अन्य अधिकृत सदस्य मौजूद रहते हैं। पूरी गणना निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। दोस्तो शिकायतकर्ताओं का दावा है कि, 2 जुलाई की सुबह करीब 8:30 बजे चढ़ावे की गणना के दौरान कथित घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, वहीं दोस्तो दूसरी ओर, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई, लेकिन फुटेज में कोई स्पष्ट तस्वीर दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है और विस्तृत जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.
इस बीच, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि बद्रीनाथ मंदिर से संबंधित जो प्रकरण गत 2 जुलाई शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें प्राप्त कथित शिकायत के आधार पर बद्रीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की आज जांच कराई गयी है। उपलब्ध फुटेज में अपेक्षित स्पष्टता नहीं है, फिर भी विषय की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मामले से बीकेटीसी अध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है। मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। साथ ही मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित किए जाने संबंधी आख्या अध्यक्ष को प्रेषित की जा रही है। समिति गठित होने के बाद वह सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों व संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। दोस्तो उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई प्रतिकूल तथ्य या अनियमितता संज्ञान में आती है तो श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दोस्तो मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि यह प्रकरण उत्तराखंड के विश्वविख्यात और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बद्रीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब तक किसी भी आरोप की विधिवत जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। सभी से अपेक्षा है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतें, ताकि पवित्र धाम की गरिमा और छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.तो दोस्तों, बद्रीनाथ धाम से जुड़े इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि आरोप लगे हैं, जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अभी आना बाकी है। मंदिर समिति ने जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता या दोषी कर्मचारी सामने आता है, तो उसके खिलाफ कानून और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समिति यह भी कह रही है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट दावों को अंतिम सच मानना उचित नहीं होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।अब देखना यह होगा कि क्या CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्य आरोपों की पुष्टि करते हैं, या जांच में कोई दूसरी तस्वीर सामने आती है। जैसे ही इस मामले में कोई आधिकारिक अपडेट आएगा, हम आपको सबसे पहले उससे रूबरू कराएंगे।अगर आपको यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण लगी हो तो वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।