Yamunotri में श्रद्धालु फंसे! Chardham Yatra पर बड़ा संकट? | Uttarkashi Landslide | Uttarakhand News

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दोस्तों, क्या यमुनोत्री धाम की यात्रा एक बार फिर बारिश की मार से थम गई है? क्या भारी बारिश के बाद हाईवे पर आए मलबे ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं? आखिर कहां-कहां बंद हुआ यमुनोत्री मार्ग और कब तक खुल पाएगा रास्ता?उत्तरकाशी में बारिश का कहर क्यों बढ़ता जा रहा है। दोस्तो उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश ने फिर कहर बरपाया है। दोस्तों, क्या यमुनोत्री धाम का सफर एक बार फिर मुश्किलों में घिर गया है?क्या बारिश के रौद्र रूप के आगे हाईवे ने भी जवाब दे दिया है? और क्या जगह-जगह आए मलबे ने श्रद्धालुओं की राह रोक दी है?आखिर यमुनोत्री हाईवे पर ऐसे हालात क्यों बने और कब तक मिलेगी यात्रियों को राहत? लेकिन दोस्तो केदारनाथ हाईवे पर मलबा गिरने से कई वाहन दबे,राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम ने जेसीबी से युद्धस्तर पर हटाया मलबा, हाईवे फिर से यातायात के लिए हुआ सुचारु..ऊधर तिलवाड़ा में उफनाए गदेरे का भारी मलबा केदारनाथ हाईवे पर आ गया, जिससे कई वाहन मलबे में दब गए और यातायात बाधित हो गया। उत्तराखंड में हो रही लगातार बारिश ने राज्य को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस बीच विकासनगर के पास कालसी के जोहड़ी इलाके में भारी बारिश के के बाद एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है। दोस्तो जब एक मौसमी नाला अचानक रौद्ररूप में आ गया। तेज बहाव के कारण नाले का पानी और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

इसी दौरान एक कार चालक ने खतरे को नजरअंदाज करते हुए उफनते नाले को पार करने की कोशिश की। जैसे ही कार नाले के बीच पहुंची, तेज बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वाहन बीच धारा में फंस गया। कुछ पल के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की सांसें थम गईं। हालांकि गनीमत रही कि कार तेज बहाव में नहीं बही। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए चालक की मदद की। लोगों ने सुरक्षित तरीके से कार चालक को वाहन से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उधर यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन और यात्रा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. बुधवार रात से जारी बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई. हाईवे बंद होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालु और स्थानीय लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे रहे. निर्माण एजेंसी की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कार्य में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही है। हाईवे पर सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं. इन स्थानों पर पहाड़ियों से रुक-रुक कर चट्टानी मलबा और बड़े पत्थर गिर रहे हैं, जिससे मार्ग खोलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

वहीं दोस्तो सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं के वाहन लंबी कतारों में खड़े रहे, जबकि कई यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा. उधर, स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। नदी के उफान के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से कई होटल और भवनों की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ है। दोस्तों, उत्तराखंड में बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। यमुनोत्री हाईवे से लेकर केदारनाथ मार्ग तक लगातार भूस्खलन और मलबे की घटनाएं यात्रियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे हालात में पहाड़ों की यात्रा करते समय सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मौसम की मार के बीच सबसे जरूरी है कि लोग बिना जरूरत जोखिम भरे इलाकों में जाने से बचें और मौसम विभाग व प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। फिलहाल उत्तराखंड में बारिश का यह दौर कब तक जारी रहेगा और किन इलाकों में खतरा बना रहेगा, इसकी हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए उत्तराखंड न्यूज़ के साथ।