Kedarnath Landslide गाड़ियां दबी…जान बचाकर भागे लोग! | Rudraprayag Weatheralert | Uttarakhand News

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दोस्तों, क्या केदारनाथ हाईवे पर सफर करना अब और खतरनाक होता जा रहा है?क्या तिलवाड़ा के पास उफनते गदेरे ने कुछ ही मिनटों में हाईवे को मलबे से ढक दिया? और क्या सचमुच लोगों को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियां छोड़कर भागना पड़ा?आखिर वहां ऐसा क्या हुआ जिसने यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचा दी? देखिए ये रिपोर्ट। Rudraprayag Kedarnath Highway दोस्तों सोचिए, जिस रास्ते से हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए गुजरते हैं। अगर वही हाईवे अचानक मौत का मैदान बन जाए तो क्या होगा?तिलवाड़ा के पास एक उफनते गदेरे ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि देखते ही देखते मलबे का सैलाब हाईवे पर उतर आया। कई गाड़ियां मलबे में दब गईं और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। आखिर कैसे पलभर में बदल गए हालात? और अभी केदारनाथ हाईवे पर क्या स्थिति है? दोस्तो रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश में एक बार फिर तबाही के मंजर की तस्वीर सामने आई। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा में अचानक गदेरा उफान पर आ गया। कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी, बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दोस्तो गदेरे के तेज बहाव के साथ आए मलबे की चपेट में कई वाहन दब गए। घटना के समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों और यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। रातभर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते मलबे का विशाल ढेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा हो गया। इसके चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए राहत एवं आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वहीं दोस्तो प्रशासन अलर्ट मोड में दिखाई दिया नंदन सिंह रजवार,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी की माने तो, भारी बारिश के कारण तिलवाड़ा क्षेत्र में गदेरा उफान पर आने से राजमार्ग पर मलबा जमा हो गया है। मार्ग को सुचारू करने तथा प्रभावित वाहनों को सुरक्षित निकालने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं, नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। मानसून के दौरान केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और गदेरों के उफान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तिलवाड़ा की यह घटना एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे की चेतावनी बनकर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने संवेदनशील गदेरों के स्थायी ट्रीटमेंट, सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने तथा आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने की मांग की है। रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग जैसे इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उफनती नदी और तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। वहीं, पुनाड़ गदेरे पर सुविधानगर में बाल्मीकि बस्ती और जिला अस्पताल को जोड़ने वाला पैदल पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे क्षेत्र में आवाजाही बाधित हो गई है। दोस्तो उत्तराखंड में मौसम विभाग ने गुरुवार 6-7-8-9 अगस्त को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।

वहीं मौसम विभाग के भारी बारिश के आसार को देखते हुए बागेश्वर, चमोली, पौड़ी और देहरादून जिले में कक्षा एक से 12वीं तक और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश के आदेश जारी किए गए हैं। दोस्तों, तिलवाड़ा में उफनते गदेरे का यह रौद्र रूप और अलकनंदा का बढ़ता जलस्तर साफ बता रहा है कि पहाड़ों में मानसून अभी पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। ऐसे में अगर आप केदारनाथ यात्रा या किसी भी पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो मौसम की ताज़ा जानकारी जरूर लें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।फिलहाल आप इस पूरी घटना पर क्या सोचते हैं? क्या संवेदनशील गदेरों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा उपायों को और तेज़ी से लागू किया जाना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।