प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2016 के उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत से लगभग 6 घंटे तक गहन पूछताछ की। ED Questioned Harish Rawat ईडी के देहरादून कार्यालय में हुई इस लंबी पूछताछ के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी ने हरीश रावत से उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए इस कथित घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, नियुक्तियों की सिफारिशों और डिजिटल साक्ष्यों को लेकर कई सवाल दागे। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या भर्ती प्रक्रिया में धांधली से आए पैसे का कोई हिस्सा सीधे या परोक्ष रूप से उन तक पहुंचा था।
पूछताछ के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार और ईडी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई बताया। रावत ने आरोप लगाया कि जब भी राज्य या देश में चुनाव नजदीक आते हैं, केंद्रीय एजेंसियां विपक्ष के नेताओं को परेशान करने के लिए सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष की आवाज दबाने की इन कोशिशों के आगे झुकेंगे नहीं। इस मामले पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राजनीतिक फायदों के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जिसका जनता आने वाले समय में जवाब देगी। दूसरी ओर, सत्तापक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।