Someshwar जनता दरबार तक पहुंचा आंसुओं का सैलाब! | Rekha Arya | Girdhari Lal | Uttarakhand News

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एक तरफ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का भावुक खुलासा—चार साल तक प्रताड़ना सहने का दावा और जान को खतरा होने की बात! दूसरी तरफ पति गिरधारी लाल साहू का पलटवार—210 करोड़ की कथित संपत्ति और झूठी एफआईआर का आरोप! बीच में दो कथित ऑडियो, जिनकी सच्चाई पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर इस हाईप्रोफाइल विवाद में किसके दावों में कितना दम है? और क्या 3 नवंबर की सुनवाई से कोई नया मोड़ सामने आएगा? दोस्तो एक बार फिर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का रो-रोकर बड़ा खुलासा, 4 साल तक क्यों झेला टॉर्चर? इस पर सीधे जनता के सामने क्यों पड़ी मंत्री पूरी खबर देखिए। दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों एक ऐसा पारिवारिक और राजनीतिक महासंग्राम छिड़ा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। प्रदेश की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री रेखा आर्य ने जनता और मातृशक्ति के बीच रोते हुए और बेहद भावुक लहजे में कहा है कि वे साल 2022 से लेकर 2026 तक यानी पूरे 4 साल तक अपने पति की प्रताड़ना और साजिशों को केवल परिवार की खातिर सहती रहीं। दोस्तो रेखा आर्य का यहां तक कहना है कि अगर वे समय रहते सजग नहीं होतीं, तो आज दुनिया उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर रही होती। आखिर ऐसी क्या मजबूरियां थीं जो एक ताकतवर कैबिनेट मंत्री को 4 साल तक चुप रहने पर मजबूर कर रही थीं? और इस पर उनके पति गिरधारी लाल का क्या पलटवार है?

दोस्तो एक तरफ महिला सशक्तिकरण का नारा और दूसरी तरफ खुद सूबे की महिला कल्याण मंत्री के आंसुओं का सैलाब! उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का एक बयान और कथित वायरल ऑडियो तेजी से गूंज रहा है। देहरादून के कैंट थाने में अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और हत्या की साजिश की एफआईआर दर्ज कराने के बाद, मंत्री रेखा आर्य ने जनता की अदालत में अपना दर्द बयां किया है। दोस्तो लेकिन मंत्री रेखा आर्य के इन आंसुओं और संगीन आरोपों पर उनके पति गिरधारी लाल साहू ने बेहद आक्रामक पलटवार किया है! गिरधारी लाल ने एक जवाबी वीडियो जारी कर रेखा आर्य के सभी आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। गिरधारी लाल का सनसनीखेज आरोप है कि रेखा आर्य ने मंत्री पद पर रहते हुए करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति और बेनामी साम्राज्य खड़ा किया है। उनका दावा है कि जब उन्होंने इस कथित महा-भष्टाचार का विरोध किया और जांच की मांग उठाई, तो उन्हें रास्ते से हटाने और जेल भिजवाने के लिए मंत्री ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर यह झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है।

दोस्तो इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ वो दो ऑडियो क्लिप्स हैं, जिन्हें खुद मंत्री ने सार्वजनिक किया। इस ऑडियो में गिरधारी लाल कथित तौर पर किसी अन्य महिला से रेखा आर्य के खिलाफ साजिश रचने और ‘गोली मरवाने’ जैसी खौफनाक बातें करते सुनाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया है, जिसने मंत्री के स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं। दोस्तो गिरधारी लाल भले ही इसे एआई (AI) का मायाजाल बताकर हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद कर रहे हों, लेकिन अदालत से उन्हें फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है और राज्य सरकार व शिकायतकर्ता को 3 नवंबर तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। यानी 3 नवंबर तक गिरधारी लाल पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है, और एसआईटी इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच करवाने की तैयारी में है। दोस्तो यह मामला अब सिर्फ एक घर की चारदीवारी का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसने उत्तराखंड की पूरी सियासत को हिलाकर रख दिया है। एक तरफ 4 साल तक प्रताड़ना सहने और जान के खतरे का दावा करने वाली कैबिनेट मंत्री हैं, तो दूसरी तरफ पत्नी पर 210 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पति। अब देखना यह होगा कि 3 नवंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई और एसआईटी की फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस ‘ऑडियो कांड’ का क्या सच बाहर आता है!”