BJP में अंदरूनी बवाल की एक लेटर ने खोली पोल! | Arvind Pandey | Letter Bomb | BJP | Uttarakhand News

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दोस्तो एक सवाल बीते कुछ वक्त से उत्तराखंड की सियासत में कि बीजेपी के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकन अब जो बीजेपी के विधायक ने ही फोड़ा है एक लेटर बम तो क्या सत्ताधारी दल के भीतर ही अब सबसे बड़ा राजनीतिक विस्फोट होने वाला है? और क्या एक पत्र ने पूरी सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं?कैसे कांग्रेस ने लेटर दिखा दाग दिए एक एक कर कई सवाल, बात हत्या और सुरक्षा तक कैसे पहुंच गई। पूरी खबर बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो बीजेपी के कद्दावर विधायक और उत्तराखंड के पूर्व मंत्री की एक चिट्ठी कांग्रेस के हाथ क्या लगी है। कांग्रेस ने बीजेपी की बखिया उधेड़ना काम कर दिया है, लेकिन अब समला कांग्रेस का नहीं बीजेपी के विधायक अरविंद पांडे का है और उस चिट्ठी का है और चिट्ठी में लिखी गई की गंभीर बातों का है। दोस्तो अरविंद पांडे की कथित चिट्ठी ने उत्तराखंड की राजनीति में ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है कि मामला अब सीधे राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आ गया है, तो क्या यह सिर्फ एक अंदरूनी असंतोष है या फिर सत्ता के भीतर चल रहे बड़े टकराव की पहली झलक?क्या सच में पार्टी के अंदर ही कोई ऐसा मोर्चा खुल चुका है, जिसे अब संभालना मुश्किल हो रहा है? जब अपने ही विधायक अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाने लगें, तो जनता किस पर भरोसा करे? मै नहीं कांग्रेस पूछ रही है सुनिए तो बाइट लगा देना। जी हां दोस्तो दो्तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड की धामी सरकार पर सवाल उठाए हैं। गदरपुर से बीजेपी विधायक वो पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे की ओर से लिखे गए पत्र मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े खड़े किए हैं।

दोस्तो सोशल मीडिया पर इन दिनों अरविंद पांडे के नाम से जुड़ा एक पत्र वायरल हो रहा है। गणेश गोदियाल ने इस पत्र को आधार बनाते हुए सरकार पर हमला बोला है। गणेश गोदियान ने कहा पिछले तीन सालों से राज्यपाल से एक महत्वपूर्ण विषय के संबंध में समय मांगा जा रहा है पर राज्यपाल राजनीति से प्रेरित होकर समय नहीं दे रहे हैं, तभी यह महत्वपूर्ण विषय मीडिया के समक्ष सरकार तक पहुंचाया जा रहा है। दोस्तो गणेश गोदियाल ने कहते हैं कि आजकल सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है। यह सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है, जिसकी जांच को लेकर वह राज्यपाल से समय मांग रहे थे परंतु उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इस पत्र का विस्तार से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा पत्र को गदरपुर से विधायक अरविंद पांडे ने लिखा है. उनके इसमें हस्ताक्षर हैं. उन्हीं के लेटर पैड पर यह पत्र लिखा गया है। गणेश गोदियाल ने कहा अरविंद पांडे ने जिस व्यक्ति को यह पत्र संबोधित किया है उसको काले रंग से मिटा दिया गया है, जिन शब्दों का उपयोग किया गया है वह बता रहा है कि यह पत्र किसे संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा इस पत्र में इतनी गंभीर बातें कही गई हैं जिनकी जांच न्यायिक देखरेख में कराना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा पत्र में लिखा गया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले 4 सालों से उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं. मुख्यमंत्री की शय पर 13 मार्च 2025 को बाजपुर थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। दोबारा 20 जनवरी 2026 को अरविंद पांडे पर दबाव बनाने के लिए उनके परिवार पर जमीन कब्जाने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।

दोस्तो गणेश गोदियाल ने कहा इस पत्र में पुलिस अधिकारियों का भी जिक्र हैय इसके अलावा भी बहुत सारी बातें इस पत्र में हैं। गणेश गोदियाल ने कहा पत्र में अरविंद पांडे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। वे आर्थिक और सामाजिक षड्यंत्र कर रहे हैं, चिट्ठी में एसएसपी के माध्यम से पुत्र को धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। चिट्ठी में सुखदेव सिंह नामधारी का भी जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा की भी चिंता जताई है। साथ जब गोदियाल से जब ये पूछा गया कि आपके पास ये पत्र कहां से पहुंचा तो उनका जवाब था की सोसल मीडिया ये और कुछ उनके शुभचिंतकों ने उन तक इसको पहिंचाया है, लेकिन दोस्तो गणेश गोदियाल ने कहा जब सत्ता पक्ष के विधायक को ही शिकायत करनी पड़ रही है तो फिर आम जनता की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी? गणेश गोदियाल ने सरकार पर सिर्फ कागजों में ही विकास दिखाने का आरोप लगाया, उन्होंने अरविंद पांडे के इस पत्र की सत्यता की जांच करने की मांग की है। लेकिन दोस्तो वैसे यहां बात ये भी निकल कर बात सामने आ रही है कि ये पत्र इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा है हांलाकि उसे छिपाने की कोशिश की गई है। लेकिन दोस्तो जहां अपनी छोटी छोटी बातों को सोशल मीडिया के जरिए बताने देने वाले बीजेपी के गदरपुर से विधायक अरविंद पांडे ने क्यों गुपचुप तरीके से ये पत्र लिखा और पोस्ट भी कर दिया, क्या वाकई बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं और चुनाव से पहले इस लेटर बम के जरिए कोई बड़ा सियासी बिस्फोट होने वाला है ये तो वक्त बताएगा, लेकिन चर्चा इस पत्र की खूब हो रही हैं।