दोस्तो क्या सरकारी कर्मचारी को अपने पद का रौब दिखाने का अधिकार है? क्या ‘लड़की हूं, फंसा दूंगी’ जैसी कथित धमकी देने वाली महिला पोस्टमैन पर आखिरकार गाज गिर गई है? और क्या विभागीय जांच में लापरवाही साबित होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त संदेश देने की कोशिश की है? बताउँगा आपको पहली बार हरियाणा से आए पोस्टमेन पर बड़ी कार्रवाई के वो कौन सा संदेश छिपा। दोस्तो ये बड़ी खबर है, क्योंकि उत्तराखंड के पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से आए पोस्ट मेन ने आंतक मचा रखा है ये इनका ना काम ठीक है और ना ही व्यहार अपने पहाड़ियों से तालमेल खा रहा है लगातार आती कई ऐसी शिकायतें जो बताने के लिए काफी है कि यहां दिक्कत एक दो में नहीं पूरा का पूरा वो स्टाफ है, जो देश के दूसरे राज्यों से आकर उत्तराखंड में चिट्ठी-पत्र बांटने का काम कर रहा है। दोस्तो मैने आपको पिथौड़ागड़ के धारचुला के एक पोस्ट ओफिर कांड की काली सच्चाई को इससे पहले दिखाया है, लेकिन अब इस मामले में बड़े एक्शन से हड़कंप है वो कैसे बतता हूं। धारचूला से सामने आए चर्चित मामले में हरियाणा की महिला पोस्टमैन पर बड़ा एक्शन हुआ है। कथित विवादित व्यवहार और विभागीय कार्यों में लापरवाही की शिकायतों के बाद जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित महिला पोस्टमैन को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दोस्तो विवाद का ये पहला वीडियो था जिसने कई सवाल खड़े किये पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मेन से लेकर तमाम बहारी कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे लेकिन यहां देखने को मिला की उलड़ा चौर कोतवाल को डाटे ये इसलिए क्योंकि यहां तैनाथ एक महिला ने एक युवा के सवालों के जवाब में ये तक कह दिया कि वो लड़की है फंसा देगी लेकिन अब ये मौहतरमा खुद फंस चुकी है और बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया। अब दोस्तो कार्रवाई का महज ये एक कारण नहीं है। कैसे ये बाहरी कर्मचारि उत्तराखंड के गांव वालों के साथ खेल कर रहे हैं इनको कोई फर्क नहीं पड़ता आपकी चिट्टठी-पत्री पोस्ट से आए आपके कागज कितने महत्वपूर्ण हैं। कई लोगों की तो दवाईयां भी आती हैं पोस्ट से अब जरा सोचिए किसी बीमार को सही वक्त पर दवा ना मिले तो फिर क्या हो। सीमांत जिला पिथौरागढ़ के धारचूला तहसील के जाराजिबली पोस्ट ऑफिस में तैनात महिला पोस्टमैन को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। दो माह से आई डाक न बांटने को लेकर पोस्टमैन का ग्रामीणों से विवाद हुआ था। बीते दिनों इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया में प्रसारित हुआ था जिसमें पोस्टमैन ‘लड़की हूं फंसा दूंगी’ कहती दिखाई दे रही थी। वायरल वीडियो के आधार पर डाक निरीक्षक ने जांच की तो कई गड़बड़ियां भी सामने आई जिसके बाद महिला पोस्टमैन पर सख्त कार्रवाई की गई है।
दोस्तो डाक निरीक्षक का कहना है कि जांच के दौरान डाकघर में करीब 50 से 60 आधार कार्ड प्राप्त हुए। कुछ आधारकार्डों में डाकघर पहुंचने की दो माह पहले की तिथि दर्ज थी तो कुछ का एक माह पहले पहुंचने सामने आया। महिला कर्मचारी को अन्यत्र शिफ्ट कर दूसरे कर्मचारी की तैनाती कर दी गई। दोस्तो डाक निरीक्षक आशीष राणा आरोपों की जांच के लिए पोस्ट ऑफिस पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप था कि हरियाणा निवासी पोस्टमैन पारुल ने लंबे समय से डाक नहीं बांटी हैं, जिसमें कई लोगों के आधार कार्ड भी हैं। धारचूला जाराजिबली पोस्ट ऑफिस की पोस्टमैन व ग्रामीणों के बीच डाक न बांटने को लेकर विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर जिसका वीडियो वायरल हुआ था। दोस्तो वीडियो वायरल होने के बाद विभाग भी एक्शन मोड पर आ गया। विभागीय जांच में पुष्टि लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि पोस्टमैन से जब शिकायत की गई तो उसने अभद्रता भी की। हरियाणा की महिला डाककर्मी पर ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोप विभागीय जांच में सही पाए गए हैं। दो माह पहले पहुंचे आधार कार्ड भी डाकघर में डंप पड़े हुए मिले विभाग ने फिलहाल ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) पद पर कार्यरत महिला कर्मी को जाराजिबली डाकघर से हटाकर अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है। ग्रामीणों ने महिला डाककर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डाक अधीक्षक को ज्ञापन दिया था जिसके बाद धारचूला से डाक निरीक्षक आशीष राणा ने जाराजिबली डाकघर पहुंचकर मामले की जांच की। तो दोस्तों, सवाल अब सिर्फ एक महिला पोस्टमैन के निलंबन का नहीं है। सवाल यह है कि आखिर दो-दो महीने तक लोगों के आधार कार्ड और जरूरी डाक डाकघर में क्यों पड़ी रही? क्या यह सिर्फ एक कर्मचारी की लापरवाही है या फिर पूरे सिस्टम में कहीं बड़ी खामी छिपी हुई है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस कार्रवाई के बाद पहाड़ के लोगों को समय पर और सम्मानजनक डाक सेवा मिल पाएगी?फिलहाल कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन जवाब अभी भी बाकी हैं। इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।