Babita Pandey केस में मंत्री बोले- जल्दबाजी नहीं! | Uttarkashi | Dayara Bugyal | Uttarakhand News

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क्या दयारा बुग्याल से लापता बबीता पांडे के मामले में अब एक नया एंगल सामने आ रहा है? क्या 10 दिन बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलने से रहस्य और गहराता जा रहा है? और क्या अब सरकार के सामने भी ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं, जिनके जवाब अभी तक किसी के पास नहीं हैं? लेकिन क्या सोचती है बबीता जैसे ट्रैकर की गुमशुदगी को लेकर. और क्या कहा प्रदेश कवन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताउंगा आपको। दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से लापता बबीता पांडे का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। 15 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक बबीता का कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन दोस्तो इसी बीच उत्तराखंड के वन मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है। वन मंत्री ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं, लेकिन इस समय किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जांच के दौरान कई पहलुओं को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। दोस्तो अब ये बयान कितना अब तक के सर्च ऑपरेशन को मजबूत बताता है और मंत्री जी के इस बयान से उत्तराखंड में ट्रेकिंग को लेकर और बबीता पांडे के रहस्यम तरीके से गायब होने को कितना गंभीर बता रहा है ये आप तय कर सकते हैं। और राय भी बना सकते हैं, लेकिन दोस्तो अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बबीता पांडे कहां हैं? इसको लेकर थोड़ा ही सही सरकार की चुप्पी टूट चुकी है, लेकिन रहस्य अब भी बरकरार है।

दोस्त वन मंत्री सुबोध उनियाल ने क्या कहा बबीता पांडे केस पर ‘जल्दबाजी में कुछ कहना ठीक नहीं’। दोस्तो दो हफ्ते से ज्यादा का वक्त बीत गया है लेकिन इस बेहद संवदेनशील मामले में भी मंत्री जी के पास कोई ठोस बताने के लिए कुछ नहीं है। उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में पिछले 15 दिन से लापता बबीता पांडे के मामले पर उत्तराखंड के वन मंत्री ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुबोध उनियाल कहते हैं कि कि पुलिस, SDRF और तमाम एजेंसियां लगातार बबीता को ढूंढने का प्रयास कर रही हैं। उनके मुताबिक तीन लोग साथ गए थे। उन्हें बताया गया है कि बबीता किसी बात पर नाराज हो गई थीं और उसके बाद वो कैंप छोड़कर चली गईं। मंत्री ने कहा, “अब जांच चल रही है और लोग ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। इस बारे में कुछ भी कहना मैं समझता हूँ जल्दबाजी होगी। बबीता पांडे दयारा बुग्याल ट्रैक पर गई थीं और 15 दिन से मिसिंग हैं। पुलिस ने पूरा ट्रैक, खाई और झीलें खंगाल डाली हैं। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। केस में अब ‘मेंटल स्ट्रेस’ और ‘नाराज होकर जाने’ का एंगल भी सामने आ रहा है। वन मंत्री के बयान के बाद साफ है कि सरकार सभी एजेंसियों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन दोस्तो इतना तो हो सकता है कि इस मामले में उन लोगों पर कार्रवाई हो जिसने टैम्पर परमिट के साथ दयारा जाने की अनुमती बबीता और उसके दो दोस्तो को दी। इतना तो हो सकता है कि जिस ऐंजेंसि ने पैसे के लिए नियमों को ताक पर रखा उस पर क्या हुआ, लेकिन दोस्तो इस पर भी तो कुछ नहीं कहा जा रहा है लेकिन ये कितनी पड़ी चुनौती है कि हमारे सारे के संसाधन लगे टीम दर टीम जुटी और सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं।

वैसे दोस्तो यहां इतना तो तय है कि बबीता पांडे पर लगाए जा रहे सारे के सारे कयास सिर्फ कयास ही साबित हुए हैं अब तक फिर वो सर्च ऑपरेशन जुड़े टीम की बात हो या फिर उत्तरकाशी पुलिस की, सब की सब एंजेंजिया मुझे एसा लगता है कि ये खुद ही सवालों के घेरे में घिर चुकी है। दोस्तो बडे ताजुब की बात है कि 15 दिन में कोई सुराग का लगना फिर तो ये ही मान लें कि बबीता पांडे हवा हो गई। परियां ले गई इससे अच्छा तो ये ही लगता है ये मानकर ही परिवार वाले अपने आप को सांत्वना दें और हम भी। तो दोस्तों, 15 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है सर्च ऑपरेशन जारी है, एजेंसियां जुटी हैं। बयान भी आ रहे हैं लेकिन सबसे अहम सवाल का जवाब अब भी नहीं मिला है—आखिर बबीता पांडे कहां हैं?क्या दयारा बुग्याल की इस रहस्यमयी गुमशुदगी का सच अभी भी किसी अनदेखे सुराग में छिपा है? क्या जांच एजेंसियों को अब अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है? और क्या ट्रैकिंग नियमों, परमिट सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए?फिलहाल सरकार कह रही है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लेकिन दूसरी तरफ एक परिवार है, जो हर दिन उम्मीद और इंतजार के बीच गुजर रहा है। ऐसे में सवाल उठना भी स्वाभाविक है और जवाब मिलना भी जरूरी। उम्मीद यही है कि बबीता पांडे का सुराग जल्द मिले और इस पूरे मामले का सच सामने आए। क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ रहस्य गहराता जा रहा है और सवाल बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल इस खबर में इतना ही। आप इस मामले को किस नजरिए से देखते हैं, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।