दोस्तो क्या खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद इतनी बड़ी हिंसा में बदल सकता है कि एक व्यक्ति की जान चली जाए? क्या देहरादून के बैरागीवाला गांव में हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे इलाके में दंगे जैसे हालात पैदा हो गए? Vikasnagar Bairagiwala Dispute और आखिर उस दिन ऐसा क्या हुआ जिसने एक छोटे से झगड़े को खू’नी संघर्ष में बदल दिया?बैरागीवाला की इस घटना की परत-दर-परत पड़ताल करेंगे और बताएंगे कि कैसे एक मामूली विवाद ने पूरे इलाके को तनाव की आग में झोंक दिया। दोस्तो देहरादून के विकासनगर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव से सामने आई घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गया। आरोप है कि पहले कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और उसके बाद लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस खू’नी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौ’त हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। सड़क पर प्रदर्शन हुए, हाईवे जाम किया गया, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
हालात को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात करना पड़ा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर खेत के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतनी दूर तक कैसे पहुंच गया? क्या इसके पीछे सिर्फ उसी दिन का झगड़ा था या फिर पुरानी रंजिश भी इस हिंसा की वजह बनी? और क्या प्रशासन समय रहते इस तनाव को रोक सकता था? सहसपुर के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी लगाने को लेकर हुआ विवाद दो पक्षों में खूनी संघर्ष तक जा पहुंचा। इतना ही नहीं इस विवाद में एक भाजपा नेता की हत्या के बाद आगजनी, पथराव के साथ ही इलाके में हिंसा भड़क गई। दोस्तो गुस्साई लोगों ने आरोपियों के घर में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव भी किया। जिसके बाद पुलिस को बल का प्रयोग भी करना पड़ा। इस बीच हाईवे को भी जाम करने की कोशिश की गई। ये विवाद कई घंटो तक चलता रहा। पुलिस इलाके में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए डटी हुई है। एसएसपी, एसपी सिटी समेत कई पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार बीते शनिवार की शाम को सहसपुर के ग्राम बैरागी वाला में खेत में पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। जिसमें से एक पक्ष के 30-40 लोगों ने दूसरे पक्ष के एक ही परिवार के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ मारपीट की।
आरोप है कि विनोद के सिर पर हथौड़े से वार किया। जिसके बाद इलाज के दौरान विनोद कुमार की इलाज के दौरान मौ’त हो गई। विनोद कुमार बीजेपी का नेता होने के साथ ही कई हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़ा था। दोस्तो फिर क्या था तनाव और हंगामा ऐसा कि पुलिस छावनी में इलाका तब्दील हो गया। दोस्तो सबसे पहले देखिए हिंदु संगठनों का क्या कहना है इस पर। दोस्तो इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी के नेता मुन्ना सिंह चौहान इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोषित दिखाई दिए, दोस्तो ये चौहान का चुनावी क्षेत्र है और यहां बीजेपी और हिंदुगंठनों के बीच भी भारी टकराव देखने को मिला। दोस्तो गुनहगार को बक्शान हीं जाना चाहिए लेकिन बेगुनाह को सजा ना मिले ये सुनिश्चत होना चाहिए। इस परे घटनाक्रम पर पुलिस की चप्पा चप्पा नजर हैं। तो दोस्तों, बैरागीवाला की यह घटना सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह उस चिंता की भी कहानी है कि कैसे एक मामूली विवाद देखते ही देखते पूरे इलाके की शांति को निगल सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर असली गुनहगारों तक पहुंचेगी? और क्या इस घटना के बाद इलाके में फैले तनाव को पूरी तरह खत्म कर लोगों के बीच फिर से भरोसा कायम किया जा सकेगा?एक व्यक्ति की जान जा चुकी है, कई परिवार प्रभावित हुए हैं और पूरा क्षेत्र कई घंटों तक तनाव की आग में झुलसता रहा। ऐसे में जरूरत है कि कानून अपना काम करे, दोषियों को सजा मिले और किसी भी निर्दोष को परेशानी का सामना न करना पड़े।फिलहाल पुलिस की नजर पूरे घटनाक्रम पर है, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच लगातार जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस बहुचर्चित मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिलता है।