उत्तराखंड के इस चुनाव में हो गई वोट चोरी? | Uttarakhand News

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दोस्तो ये उत्तराखंड की सियासत से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर, जहां युवाओं के चुनाव में ही अब सवालों का बवंडर खड़ा हो गया है!क्या वाकई वोटिंग प्रक्रिया में हुई बड़ी गड़बड़ी? क्या चुनाव में पारदर्शिता पर लग गया है सवालिया निशान? क्या है ये मामला विधानसभा चुनाव से पहले जीत के लिए ऐसा जुगाड़ आप देख रह जाएंगे दंग। बताउंगा आपको पूरी खबर और बड़े आरोप। दोस्तो बताया ये गया कि वोट जुटाने के ऐसे तरीके अपनाए गए, जिन्हें देखकर आप भी हैरानी डूबे कई लोग जानकार, आखिर कैसे हुआ वोट का इंतजाम? और क्यों उठ रहे हैं ‘वोट चोरी’ जैसे गंभीर आरोप? युवाओं की राजनीति में इस कथित घपले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी पड़ताल, पूरी सच्चाई और हर एंगल के साथ। तो क्या दोस्तो यूथ कांग्रेस ने कर दी उत्तराखंड में वोट चोरी? निष्पक्ष चुनाव की बात करने वाली कांग्रेस में ही क्या नहीं होते निष्पक्ष चुनाव! दोस्तो भारतीय युवा कांग्रेस ने उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित कर दिए हैं। विशाल भोसक को उत्तराखंड युवा कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि सौरभ ममंगाईं और अंशुल रावत को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, परिणाम सामने आते ही विवाद भी शुरू हो गया है।

दोस्तो अल्मोड़ा से जिला अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शुभांशु रौतेला ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है। शुभांशु का दावा है कि न केवल वोटों की गिनती में गड़बड़ी हुई है, बल्कि वोटर आईडी (EPIC) के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने इस संबंध में पहले ही एसएसपी अल्मोड़ा को एक शिकायत पत्र सौंप दिया था। शुभांशु रौतेला के अनुसार, कई मतदाताओं की एपिक डिटेल कॉपी कर, उसमें किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी तरीके से वोट डलवाए गए। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिस आईडी से वोट डाला गया, वहीं निर्वाचन की वेबसाइट पर उसकी उम्र 70 वर्ष से ज्यादा पाई गई है। दोस्तो इस खुलासे के बाद संगठन के भीतर निष्पक्ष चुनाव कराने के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के चुनावों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और धांधली का मामला सामने आया है। दोस्तो इस फर्जीवाड़े का सबसे गंभीर पहलू वोटर कार्ड के एपिक (EPIC) नंबर से जुड़ा है। जांच में पाया गया कि कार्ड पर दर्ज एपिक नंबर तो असली थे, जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी दर्ज हैं, लेकिन डेटा के साथ छेड़छाड़ कर उनकी उम्र बदल दी गई। उदाहरण के तौर पर इलेक्शन कमीशन की साइट पर जो वोटर 77 साल का दर्ज है, उसे फोटो एडिटिंग के जरिए कार्ड पर 35 साल का दिखाकर वोट डलवाया गया। दावा है कि इसी तरह की एडिटिंग के जरिए हजारों फर्जी वोट डलवाए गए।

दोस्तो शुभांशु ने बताया कि उन्हें इस धांधली की भनक तब लगी जब वे अल्मोड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर रहे थे। उन्होंने कहा, “अल्मोड़ा छोटा शहर है, यहाँ बातें छिपी नहीं रहतीं। स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि कुछ लोग उनके पास आए थे, जिनके पास पहले से ही वोटर आईडी कार्ड थे। उन्हें मतदाताओं से आईडी नहीं चाहिए थी, वे सिर्फ उनका फोन नंबर और ओटीपी (OTP) मांग रहे थे।” दोस्तो जिस तरह इस पूरे मामले की जानकारी सामने आई है उस सवाल खड़े होते हैं कि क्या वोट चोरी सिर्फ अल्मोड़ा तक ही सीमित है या फिर बड़े स्तर पर प्रदेश भर में फोटो के टेंपरिंग यूथ कांग्रेस के इलेक्शन में की गई है, तो कुल मिलाकर उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के चुनाव में उठे ये आरोप संगठन की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। EPIC डेटा से छेड़छाड़ और कथित फर्जी वोटिंग जैसे गंभीर मुद्दों ने इस पूरे चुनावी प्रक्रिया को विवादों में ला खड़ा किया है हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच अभी बाकी है, लेकिन जिस तरह से यह मामला सामने आया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह सियासी मुद्दा और गर्मा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या सच सामने आता है। क्या ये मामला सिर्फ कुछ क्षेत्रों तक सीमित है या फिर बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है—ये जांच का विषय है फिलहाल इस बड़ी खबर पर हमारी नजर बनी हुई है।