Mussoorie Paperleak पर अपने ही हुए खिलाफ! ABVP का बड़ा विरोध! | NEET | Protest | Uttarakhand News

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दोस्तो, कहते हैं जब घर में ही चिंगारी सुलग जाए, तो धुएं को छिपाना आसान नहीं होता। अब तक विपक्ष के निशाने पर रहे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, आज अपनों के ही घेरे में आ गए हैं, जिस ABVP को बीजेपी की युवा ताकत कहा जाता है। वही अब सड़कों पर उतरकर धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक रही है और इस्तीफे की मांग कर रही है। यानी सवाल अब सिर्फ विपक्ष नहीं पूछ रहा, सवाल अपने भी पूछ रहे हैं। आखिर ऐसा क्या बदल गया कि अपने ही अपनों के खिलाफ खड़े हो गए? क्या पेपर लीक का मुद्दा अब बीजेपी के भीतर भी बेचैनी बढ़ाने लगा है? और क्या यह विरोध सिर्फ शुरुआत है या आगे और बड़ा सियासी भूचाल आने वाला है? दोस्तो, सियासत में अक्सर विरोधी सरकार को घेरते हैं, लेकिन जब अपने ही सरकार को घेरने लगें, तब मामला कुछ और ही हो जाता है ये तस्वीर सिर्फ चौंकाती नहीं, कई सवाल भी खड़े करती है। जिस संगठन को बीजेपी की युवा ताकत कहा जाता है। वही ABVP आज अपनी ही सरकार और अपने ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सड़कों पर उतर आई। नारे भी अपने, गुस्सा भी अपन और निशाने पर भी अपने ही मंत्री। दोस्तो ये वो तस्वीर है जो बताती है कि जब घर की दीवारें बोलने लगें, तो दरारें छिपती नहीं और जब अपने ही सवाल करने लगें, तो जवाब देना आसान नहीं होता, ये तसवीर मसूरी की है।

दोस्तो देशभर में इन दिनों पेपर लीक का मुद्दा छाया हुआ है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन कर रही है. वहीं, संसद में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध बना हुआ है। वहीं, देशभर में इसे लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। बात अगर उत्तराखंड की करें तो यहां एबीवीपी और एनयूएसआई के छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दोस्तो मसूरी में छात्र संगठनों ने एमजी कॉलेज परिसर में केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, नीट विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोस्तो सुना आपने आखिर क्यों छात्रों को सड़क पर उतर कर सरकार की नौबत आ गई और क्यों छात्र सिस्टम की सफाई की बात कर। दोस्तो प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। मेहनत से तैयारी करने वाले छात्रों का मनोबल टूट रहा है।

तो देखा दोस्तो आपने कैसे देश भर में विपक्ष के निशाने पर आए धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अब बीजेपी समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी भी आ गया है और दोस्तो यहां बता दूं जिस धर्मेंद्र प्रधान यानि की केद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग देश भर के युवा कर रहे हैं सड़क पर उतर कर उसी में शामिल हो हो गया एबीवीपी और दोस्तो यहां हैरानी की बात ये है कि मीडिया की कुछ रिपोर्ट ये बता रही हैं कि साल 1997 में धर्मेंद्र प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक छात्र नेता थे। 1997 में ओडिशा में जब पेपर लीक का मामला सामने आया, तब धर्मेंद्र प्रधान लगभग 1,500 छात्रों के साथ ओडिशा सरकार के सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्रों के विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने उग्र लाठीचार्ज कर दिया था। इस घटना में धर्मेंद्र प्रधान की पुलिस द्वारा जमकर पिटाई हुई थी, जिससे उन्हें गंभीर फ्रैक्चर आए थे। वहीं दोस्तो 1994 से 1997 के दौरान वे ABVP के राष्ट्रीय सचिव रहे और छात्र अधिकारों के लिए कई रैलियों व आंदोलनों का नेतृत्व किया और आज वहीं एबीवीपी धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ है। दोस्तो राजनीति का चक्र भी कितना अजीब होता है। लगभग तीन दशक पहले जो नेता छात्र राजनीति के दौर में पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरा था और पुलिस की लाठियां खाई थीं, आज वही नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक विवाद के केंद्र में खड़ा है और एबीवीपी वाले इस्तीफा मांग रहे हैं।