आखिर केशव नेगी ही क्यों?| Justice For Keshav Negi | Delhi Fire Case | CM Dhami | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड के केशव नेगी के लिए इंसाफ की मांग अब सड़कों से लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुंच चुकी है, देहरादून से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज है लेकिन सबसे बड़ा सवाल—आखिर केशव नेगी ही क्यों? क्या दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत का जवाब सिर्फ एक शेफ देगा? क्या एक ऐसे व्यक्ति को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, जिसका काम सिर्फ रसोई में खाना बनाना था? कैसे देहरादून से लेकर दिल्ली तक मची है सियासी खलबली। कैसे डबल इंजन की सरकार पर उठ रहे सवाल सब बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो दिल्ली दिल्ली के मालवी नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद शुरू हुई जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। इस मामले में उत्तराखंड के रहने वाले शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी ने ऐसा राजनीतिक और सामाजिक तूफान खड़ा कर दिया कि अब मामला सीधे दिल्ली और उत्तराखंड की सरकारों के बीच एक चर्चा का विषय बन चुका है और सबसे बड़ा सवाल, क्या केशव नेगी सचमुच इस दर्दनाक हादसे के जिम्मेदार हैं? या फिर किसी बड़े खेल में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया जो खुद सिस्टम का शिकार बन गया, क्योंकि अब इस मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मैदान में उतर चुके हैं। विपक्ष ने सवालों की बौछार करनी शुरू कर दी दी है।

दोस्तो दिल्ली के मालवीय नगर में लगी उस भीषण आग को शायद ही कोई भूल पाया होगा। 3 जून की सुबह जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी एक होटल के बेसमेंट से उठी आग की लपटों ने कुछ ही मिनटों में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि 21 जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गई, धुएं से भरे बेसमेंट में लोग फंस गए। बचने की कोशिश करते रहे, मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन आग और धुएं ने किसी को मौका नहीं दिया। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई गई। दर्जनों लोग घायल हुए यहां तक कि बचाव अभियान में जुटे 10 पुलिसकर्मी भी धुएं और आग की चपेट में आकर घायल हो गए। दोस्तो देश भर में इस हादसे की चर्चा हुई, जांच शुरू हुई और फिर गिरफ्तारी, पहले होटल मालिक गिरफ्तार हुआ लेकिन इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड के रहने वाले शेफ केशव नेगी को भी गिरफ्तार कर लिया बस यहीं से कहानी बदल गई क्योंकि केशव नेगी की गिरफ्तारी पर सवाल उठने लगे। परिवार ने दावा किया कि उन्हें बिना पर्याप्त आधार के फंसाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी आवाज उठाई और मामला सीधे मुख्यमंत्री धामी तक पहुंच गया अब इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब हुआ जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने धामी ने साफ कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। यानी अब इस केस पर सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि दोनों राज्यों की सरकारों की भी नजर है।

मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के बाद कहा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दिल्ली सरकार और जांच एजेंसियां जो है वह निष्पक्ष जांच के जरिए सच को सामने लाएगी, लेकिन कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती है लेकिन अब बारी विपक्ष की थी। दोस्तो गोदियाल ने बीजेपी के पांचों सांसदों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया साफ कह दिया कि सवाल पूछने के लिए विपक्ष है। आपका काम सवाल पूछने का नहीं है समाधान निकालने का है। दोस्तो इस पूरे मामले पर में राजनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। खबर तो ये भी कि हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। यानी अब जो सवाल है वह सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं रह गया यहां पर। अब सवाल यहां पर यह है कि आखिर उस दिन होटल के अंदर ऐसा क्या हुआ था? क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी उसमें की गई थी? क्या होटल प्रबंधन की इसमें लापरवाही थी? क्या आग लगने के बाद बचाव व्यवस्था नाकाम रही? या फिर इसके पीछे और भी कई ऐसे तथ्य हैं जो अभी सामने आने बाकी हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं और इस बीच केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल इस केस को और ज्यादा संवेदनशील बना रहे हैं। क्योंकि एक तरफ 21 लोगों की मौत का दर्द है। मृतकों के परिवार हैं। न्याय की मांग है और दूसरी तरफ एक ऐसा परिवार जो दावा कर रहा है कि उनका सदस्य निर्दोष है। यही वजह है कि अब हर किसी की नजर इस जांच पर टिकी हुई है। क्या दिल्ली पुलिस के पास ऐसे कोई पुख्ता सबूत हैं जो केशव नेगी की भूमिका को इसमें साबित करते हैं या फिर जांच के दौरान कोई नया सच इसमें सामने आएगा।