UTU प्रबंधन के पास मेल के माध्यम से पेपर आउट होने की शिकायत पहुंची, जिसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसमें जाँच कमेटी का गठन किया गया। वहीँ जाँच मेँ इस बात का खुलासा हुआ कि पेपर बनाने वाला सहायक प्रोफेसर आशीष गुप्ता ही पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड था। जांच मेँ सभी शिकायतों की पुष्टि होने के बाद एहतियात के तौर पर विश्वविद्यालय ने ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (Machine Learning for IoT) और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ (Electromagnetic Field Theory) विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। जिसमें एक परीक्षा जो 24 जून को आयोजित हुई थी, उसमें भी सम्बंधित सहायक प्रोफेसर का नाम सामने आया है। वहीँ यूनिवर्सिटी से मिले कड़े पत्र के बाद शिवालिक कॉलेज ने सहायक प्रोफेसर की वार्षिक इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) पर रोक लगा दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस पेपर लीक के दायरे में लगभग 22 छात्र-छात्राएं शामिल थे। जो सभी शिवालिक कॉलेज के ही स्टूडेंट है। हालांकि, परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना कोई जोखिम लिए पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दोबारा आयोजित कराने का फैसला लिया है। नई परीक्षा तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।