दोस्तो, पहाड़ों में बारिश सिर्फ बरसती नहीं कई बार पूरी जिंदगी उजाड़ देती है। कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश और देखते ही देखते सड़कें मलबे में दब गईं। पहाड़ दरक गए, नदियां उफान पर आ गईं और लोगों की मेहनत पल भर में बह गई। जलजले के आगे किसी की एक नहीं चली, कहीं भूस्खलन ने रास्ते निगल लिए, कहीं बाढ़ ने खेत और मकान खतरे में डाल दिए तो कहीं लोग अपनी जान बचाने के लिए बेबस नजर आए। दोस्तो, आज आपको दिखाएंगे पहाड़ों से आई ऐसी तस्वीरें, जिन्हें देखकर अंदाजा लग जाएगा कि मानसून इस वक्त कितना खतरनाक रूप ले चुका है। उत्तराखंड से लेकर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक, कुदरत का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला कि हर कोई सहम गया। आखिर कहां-कहां बरसी सबसे बड़ी आफत, किस जगह भूस्खलन ने जिंदगी रोक दी और कहां बाढ़ ने मचाई भारी तबाही। दोस्तो, पहाड़ों में बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में पांगवाम्बे के पास दारमा घाटी को जोड़ने वाले मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के चलते सड़क पूरी तरह बंद हो गई है और आवाजाही ठप पड़ गई है। राहत की बात यह है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर मार्ग खोलने के काम में जुटा हुआ है।
दोस्तो, नैनीताल में बारिश आफत बनकर बरसी। धुपकोठी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर रिहायशी इलाके में आ गिरे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं पंगोट मार्ग की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि की सूचना नहीं है। उत्तराखंड में फिर भी उतनी चिंता की बात नहीं दिखाई दे रही या ये कहूं कि दूसरे पहड़ी राज्यो में तो हालात भयाव बन बैठे हैं। जलजला ऐसा कि सब कुछ मानो उसमें समाता जा रहा हो। दोस्तो, जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह से आई ये तस्वीरें किसी को भी झकझोर देंगी। अचानक आई बाढ़ ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज बहाव इतना खतरनाक था कि दर्जनों दुकानें पानी के साथ बह गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में लोगों की वर्षों की मेहनत पानी में समा गई। और ये वाली तस्वीर को देख कर तो आप कहेंगे की ये रीयल हो ही नहीं सकती, लेकिन ये सच है दोस्तो, बरसात में छोटा सा नाला भी जब उफान पर आता है, तो बड़ी तबाही की वजह बन जाता है। ऐसी ही तस्वीरें हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के कोटला क्षेत्र से सामने आई हैं। त्रिलोकपुर के सोलधा स्थित न्यांगल गांव में नाले का बहाव अचानक बदल गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए।
इस घटना में 15 घरों पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि लोगों के खेत तेज बहाव में बह गए। दोस्तो, पहाड़ों में बारिश के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ सकती है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के होली क्षेत्र में अचानक एक नाला उफान पर आ गया, जिससे दो युवक तेज बहाव के बीच फंस गए। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों का सफल रेस्क्यू किया गया। गनीमत रही कि समय रहते दोनों युवकों की जान बचा ली गई। आखिर कैसे चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन। दोस्तो, फिलहाल राहत की बात यह है कि उत्तराखंड में हालात अभी दूसरे पहाड़ी राज्यों के मुकाबले अपेक्षाकृत नियंत्रण में नजर आ रहे हैं। हालांकि कई जगह भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर तबाही की तस्वीरें फिलहाल देखने को नहीं मिली हैं।लेकिन हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मानसून का रौद्र रूप लगातार डराने वाला बना हुआ है। कहीं अचानक आई बाढ़ लोगों की वर्षों की मेहनत बहाकर ले जा रही है, तो कहीं उफनते नाले जानलेवा साबित हो रहे हैं और कहीं पहाड़ दरकने से पूरा जनजीवन प्रभावित हो रहा है।मानसून अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में लेने की गलती भारी पड़ सकती है।हम यही कामना करते हैं कि उत्तराखंड में मौसम का मिजाज ज्यादा न बिगड़े और हिमाचल व जम्मू-कश्मीर में भी जल्द हालात सामान्य हों।आप भी अगर पहाड़ों की यात्रा पर हैं या पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं, तो मौसम की अपडेट पर नजर रखें और जोखिम वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।