दोस्तो बद्रीनाथ धाम के कथित चढ़ावा चोरी मामले में अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला सिर्फ जांच या एफआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि भैरव सेना उत्तराखंड के संस्थापक संदीप खत्री ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खत्री का दावा है कि मामले में मुख्यमंत्री से मिलाकात से पुलिस ने उन्हें रोका ही नहीं, बल्कि उनको कई घंटे हाउस अरेस्ट करके रखा और धमकाया भी, तो क्या बद्रीनाथ मंदिर से चंदा चोरी का आरोप लगाने वाले संदीप खत्री पर कोई दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। दोस्तो बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला उठाने वाले भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने पुलिस प्रशासन पर नजरबंदी और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। संदीप खत्री का कहना है कि जैसे ही उन्होंने बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया, उसके बाद से पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने और ज्ञापन सौंपने के लिए जाने से भी रोका जा रहा है। दोस्तो भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने कहतेहैं कि पुलिसकर्मी करीब दो घंटे तक उनके घर के बाहर मौजूद रहे। मंगलवार को उनके कार्यालय के बाहर लगभग तीन घंटे तक पुलिस कर्मियों की मौजूदगी रही। संदीप खत्री ने इसे नजरबंदी जैसी स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उन पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
दोस्तो उन्होंने कहा उनका उद्देश्य बदरीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को सरकार के समक्ष रखना और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करना है। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने और उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की योजना बनाई। संदीप खत्री का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण वे अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं रख सके। दोस्तो संदीप खत्री के अनुसार, जब उन्हें मुख्यमंत्री आवास जाने से रोका गया तो बाद में प्रशासन की ओर से तहसीलदार उनके कार्यालय पहुंचे और वहीं ज्ञापन प्राप्त किया गया। उन्होंने कहा उनका उद्देश्य केवल ज्ञापन देना नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की गंभीरता से जानकारी देना और उच्च स्तरीय जांच की मांग करना था। दोस्तो भैरव सेना के संस्थापक ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक ऐसा मुद्दा उठाया है जो धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो सच्चाई सामने आनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
संदीप खत्री ने कहा उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है. उन्होंने दोहराया कि वह बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम हैंवे भविष्य में भी इस मुद्दे को विभिन्न मंचों पर उठाते रहेंगे। दोस्तो गौर करने वाली बात ये है कि हाल के दिनों में बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े मामले को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। इसी बीच संदीप खत्री द्वारा लगाए गए नजरबंदी और मुख्यमंत्री से नहीं मिलने देने के आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, खत्री के आरोपों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, दोस्तो प्रशासनिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल संदीप खत्री अपने आरोपों पर कायम हैं, मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी होता है तो उसके आधार पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।