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बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक का सबसे बड़ा एक्शन सामने आया है। जिस मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, उसमें अब विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस जांच भी शुरू हो गई है। Badrinath Dham Theft Case श्री बदरी-केदार मंदिर समिति यानी BKTC के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और अब पूरे मामले की जांच पुलिस करेगी। दोस्तो जिस मामले की मै बात कर रहा हूं यह वही मामला है, जिसने उत्तराखंड की सियासत को भी गर्मा दिया है। विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। आखिर जांच में क्या सामने आएगा? क्या यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, या आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और कार्रवाई देखने को मिल सकती है? यही सबसे बड़ा सवाल है। वीडियो को अंत तक जरुर देखिएगाउत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की शिकायत पर बदरीनाथ थाना पुलिस ने एक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले समिति ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी थी। दोस्तो, मंदिर अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाने और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। वहीं दोस्तो बीकेटीसी के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आरोप सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत मंदिर की धनराशि को कथित रूप से उठाया। दोस्तो इन्हीं प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की गई। ध्यान रहे कि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इसके अलावा दोस्तो प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
समिति का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया, ताकि जांच प्रक्रिया किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। मामला अब केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं, सरकार की ओर से भी उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की बात कही गई है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। यहां दोस्तो ये भी बताया जा रहा है कि दान और चढ़ावे से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। साथ ही गठित जांच समिति पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी, तो क्या वाकई उत्तराखंड के मंदिरों में चंदा चोरी का खेल चल रहा है और कब से चल रहा है क्या चोरी हुआ, इसका हिसाब भी उत्तराखंड की जनता जानना चाहती है।