Triyuginarayan का बड़ा चमत्कार! | Rudraprayag | Landslide | Heavyrain | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो कैसे त्रियुगीनानारायण का दिखाई दिया बड़ा चमत्कार। दोस्तो उत्तराखंड में भयंकर तरीके से बारिश हो रही है, फिर मैदानी इलाका हो या पहाड़ी हर जगह हर तरफ बारिश का पानी लोगों को डरा रहा है,लेकिन दोस्तो देवभूमि में एक भयावह तस्वीर देखने को मिली जब भूस्खलन की चपेट में आते-आते एक पूरी बारात बच गई। बताउंगा आपको पूरी खबर कैसे दूल्हा-दुल्हन ने भाग कर बचाई जान, मची अफरा-तफरी। दोस्तो उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने पहाड़ों में जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। बारिश से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। रुद्रप्रयाग में बारिश के बीच सोनप्रयाग- त्रियुगीनारायण बीच सड़क पर भूस्खलन तब आ गिरा जब जब वहां से दूल्हा-दुल्हन को लेकर बारात निकल रही थी। दोस्तो सड़क पर आ रहे मलबे-बोल्डर आने के कारण रास्ता बंद हुआ फिर हुआ ऐसा कुछ जिसे लोगों ने बड़ा चमत्कार बताया .. वो इसलिए दोस्तो क्योंकि ये बारात त्रियुगीनारायण मंदिर जा रही थी विवाह करने जा रहे दूल्हा-दुल्हन और बारातियों की जान मच गई और ये वीडियो सामने आया है। जी हां दोस्तो तस्वीर में आपने देखा कि कैसे पूरी की पूरी बारात भाग रही है, और आगे-आगे दुलहन तो पीछे-पीछे दुल्हा भी आ रहा है। लेकिन दोस्तो त्रियुगीनारायण धाम को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में जाना जाता है, वहीं शादी के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने हर किसी की धड़कनें बढ़ा दीं। रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने बारात का रास्ता रोक दिया। कुछ ही पलों में खुशियों का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया।

दोस्तो उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने पहाड़ों में जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। बारिश से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। रुद्रप्रयाग मे बारिश के बीच सोनप्रयाग- त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग भूस्खलन और सड़क पर आ रहे मलबे-बोल्डर के कारण बार-बार बाधित हो रहा है। इस बीच त्रियुगीनारायण में विवाह करने जा रहे दूल्हा-दुल्हन और बारातियों बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ी। दोस्तो आपको बता दूं कि बारिश के बाद बड़ा सांगू क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और गुजरात और महाराष्ट्र से आए कुछ श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, जो कि त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इनके साथ दूल्हा-दुल्हन को भी सड़क पर आए मलबे को पैदल ही पार कर सफर तय करना पड़ा। दोस्तो यहां मै आपको त्रियुगीनारायण मंदिर की मान्यता और चमत्कार के बारे में बताउं उससे पहले कुछ तस्वीरें आपको दिखाना चाहता हूं, कि कैसे बारिश कहर बन कर टूट रही है। सबसे पहले देखिए उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। चमोली जिले की सोलघाटी में केरा और डुंगरी के बीच लोहे के पुल पर भारी चट्टान गिरने से सड़क यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और मार्ग को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोस्तो देखा आपने कैसे चमोली में लोहे के पुल पर गिरी विशाल चट्टान, यातायात हुआ ठप! आगे देखिए दोस्तो लगातार बारिश के बीच जहां कई जगह मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं चम्पावत से राहत भरी तस्वीरें सामने आई हैं। बाटना गाड़ में तेज बारिश से प्रभावित मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने श्रद्धालुओं, यात्रियों और उनके वाहनों को सुरक्षित रास्ता पार कराने में मदद की। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पुलिस टीम मौके पर डटी रही और यातायात सुचारु कराने में जुटी रही।

इधर दोस्तो उत्तरकाशी से राहत भरी खबर है। स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण बंद हुआ यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अब आवागमन के लिए खोल दिया गया है। मौके पर उत्तराखंड पुलिस की निगरानी में सुरक्षित तरीके से यातायात संचालित कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान इस मार्ग पर लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। हालांकि पीएमजीएसवाई ने मार्ग को सुचारु रखने के लिए मशीन मौके के निकट तैनात की गई है। मलबा हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है, जिससे यातायात बाधित न हो। खैर दोस्तो मै बत अगर त्रियुगीनारायण मंदिर की करूं जहां एक बारात बड़े हादसे का शिकार होने से बची तो दोस्तो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ ब्लॉक में त्रियुगीनारायण मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने देवी पार्वती से विवाह किया था। जो कि अब वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर प्रसिद्ध हो गया है। यहां देश विदेश से लोग शादी करने के लिए आते हैं। ऋषिकेश से 175 किमी की दूरी तय कर सोनप्रयाग पहुंचा जाता है। यहां से 12 किमी की दूरी पर यह त्रियुगीनारायण मंदिर स्थित है। तो दोस्तों इस पूरी घटना ने एक बार फिर याद दिला दिया कि पहाड़ों में मानसून के दौरान एक पल में हालात बदल सकते हैं। गनीमत रही कि त्रियुगीनारायण जा रही यह बारात सुरक्षित बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। अगर आप भी इन दिनों चारधाम यात्रा या किसी पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा पर जा रहे हैं, तो मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन जरूर करें। आपकी थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है। फिलहाल उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है और हम मौसम व चारधाम यात्रा से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाते रहेंगे।