Badrinath चढ़ावा विवाद के बाद नया बवाल! | BKTC | Chardham | CM Dhami | Uttarakhand News

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दोस्तों, क्या बदरीनाथ धाम है में चढ़ावे का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया? क्या मंदिर समिति को दान में मिले 20 से 25 लैपटॉप बिना किसी रिकॉर्ड के गायब हो गए? और सबसे बड़ा सवाल। आखिर स्टॉक रजिस्टर भी कहां चला गया? दोस्तो चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन इसी बीच सामने आई एक नई जानकारी ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खबर है कि वर्षों पहले विभिन्न बैंकों द्वारा दान में दिए गए लैपटॉप का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि उनसे जुड़ा स्टॉक रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है। दोस्तो आखिर दान में मिले ये लैपटॉप कहां गए? क्या यह केवल रिकॉर्ड रखने में लापरवाही है या मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर है? समिति का इस पर क्या कहना है और जांच किस दिशा में बढ़ रही है? दोस्तो बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले के बाद अब एक और गंभीर मामला सामने आया है। खबर के अनुसार, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को पिछले 8 से 10 वर्षों में विभिन्न बैंकों द्वारा दान स्वरूप दिए गए 20 से 25 लैपटॉप का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

दोस्तो बताया जा रहा है कि इन लैपटॉप का न तो कोई हिसाब-किताब मिल रहा है और न ही उनका विवरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज है। दोस्तो जानकारी के मुताबिक, एसबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक सहित कई बैंकों ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद के तहत मंदिर समिति को ये लैपटॉप उपलब्ध कराए थे। हालांकि, अब इन लैपटॉप के साथ-साथ स्टॉक रजिस्टर भी गायब बताया जा रहा है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोस्तो सूत्रों के अनुसार, समिति से जुड़े कुछ लोगों पर इन लैपटॉप को अपने साथ ले जाने का आरोप भी लगाया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक रूप से किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। इधर, दोस्तो बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी के मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय जांच समिति भी निर्धारित समय पर सक्रिय नहीं हो सकी। समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन खबर के अनुसार गठन के तीन दिन बाद तक भी समिति के सदस्य मौके पर नहीं पहुंचे थे। अब बताया गया है कि समिति के सदस्य 9 जुलाई को बदरीनाथ पहुंचकर जांच करेंगे। दोस्तो इस पूरे मामले पर BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उन्हें फिलहाल लैपटॉप से जुड़ी जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

दोस्तो चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और अब दान में मिले लैपटॉप के रिकॉर्ड पर उठे सवालों ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की कार्यप्रणाली और संपत्तियों के रखरखाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सभी की नजर जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है। तो दोस्तों, फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवाल हैं, लेकिन जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। क्या दान में मिले लैपटॉप केवल रिकॉर्ड की कमी की वजह से नहीं मिल रहे हैं, या फिर वास्तव में कोई गंभीर अनियमितता हुई है? और क्या चढ़ावे के कथित विवाद के साथ-साथ इस मामले की भी निष्पक्ष जांच होगी?इन सभी सवालों पर अब सबकी नजर जांच एजेंसियों और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की अगली कार्रवाई पर टिकी है। उम्मीद यही है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो नियमानुसार कार्रवाई भी हो। दोस्तो फिलहाल इस मामले से जुड़ी हर बड़ी और प्रमाणित अपडेट हम सबसे पहले आप तक पहुंचाते रहेंगे। अगर आपको यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण लगी हो तो वीडियो को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।