उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी रुद्रप्रयाग के सौंराखाल में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने दिवंगत पिता पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। हाल ही में रुद्रप्रयाग कलेक्ट्रेट परिसर में विपक्ष या स्थानीय संगठनों के एक धरना-प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने मंत्री और उनके पिता के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर कहा था कि “भरत सिंह चौधरी का बाप केदारनाथ में भांग बेचता था।” अपने दिवंगत पिता के प्रति इन अपमानजनक शब्दों पर सार्वजनिक मंच से अपना दर्द साझा करते हुए मंत्री ने विरोधियों को कड़ी चेतावनी दी कि राजनीति में नीतियों और विकास कार्यों पर लड़ाई होनी चाहिए, लेकिन किसी के माता-पिता या परिवार को निशाना बनाना देवभूमि की राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस व्यक्तिगत हमले का करारा जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री ने लोकतांत्रिक मर्यादा की मिसाल पेश की और मंच से दोटूक शब्दों में कहा कि यदि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनता से फूल-माला पहनने का हक है, तो कुछ भी गलत करने पर जूते खाने का हक भी उन्हीं का है। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को बंद कमरों या अभद्र भाषा का सहारा लेने के बजाय खुले मंच पर आकर मुद्दों के आधार पर बहस करने की सीधी चुनौती दी। इस घटना और मंत्री के भावुक संबोधन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद उत्तराखंड के सियासी गलियारों में व्यक्तिगत छींटाकशी की इस राजनीति को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है और सत्तापक्ष के कई नेताओं ने इस अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है।