कहते हैं उत्तराखंड में पहाड़ों पर रास्ते बनाना मुश्किल है, लेकिन यहां तो मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता ही गायब हो गया! नई टिहरी का मेडकिल कॉलेज ही चोरी हो गया, तो जनता सड़क पर उतर आई। सवाल वही पुराना—मेडिकल कॉलेज आखिर कब बनेगा और कहां बनेगा? हैरानी की बात ये है कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों में विपक्ष ही नहीं, BJP विधायक भी मैदान में हैअब सवाल है। क्या ये जनता का गुस्सा है या फिर सियासत का नया मोर्चा? दोस्तो अपने उत्तराखंड में गजबे हो रहा है, एक मेडिकल कॉलेज जिसके इंतजार में साल बीत गए! वादे हुए, दावे हुए, लेकिन अब जनता पूछ रही है—कॉलेज कहां है साहब? नई टिहरी में इसी सवाल ने ऐसा बवाल खड़ा किया कि हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सबसे बड़ा ट्विस्ट मोर्चे में BJP विधायक की मौजूदगी ने पूरे मामले को और गर्म कर दिया। दोस्तों, टिहरी में आज सिर्फ आवाज नहीं उठी, बल्कि एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है! जिस मेडिकल कॉलेज को लेकर सालों से उम्मीदें बांधी गईं। अब उसी मुद्दे पर GEN Z से लेकर अभिभावक तक सड़क पर उतर आए हैं। मामला अब सिर्फ मेडिकल कॉलेज का नहीं रहा, बल्कि टिहरी बनाम नरेंद्रनगर की सियासी जंग बनता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले क्या ये BJP के अंदर की बड़ी लड़ाई का संकेत है? क्या मेडिकल कॉलेज का मुद्दा अब चुनावी हथियार बनने वाला है? टिहरी की धरती से उठी इस बड़ी आवाज की पूरी कहानी का अंदाजा आप इस तस्वीर को देख करला सकते हैं। दोस्तो प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल नयी टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने का विरोध कर रहे हैं और इसे अपने विधानसभा क्षेत्र नरेंद्रनगर में स्थापित कराना चाहते हैं। वहीं दोस्तो दिलचस्प और चौकाने वाली बात ये है कि इस आंदोलन में टिहरी से बीजेपी के विधायक किशोर उपाध्याय का भी समर्थन मिल रहा है जो पिछले दो दशकों से नयी टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाते रहे हैं। अब उन्होंने नई चेतावनी दे डाली है जो बीजेपी के साथ सरकार को असहज करती दिखाई हे रही है।
तो दोस्तो किशोर उपाध्याय ने क्या कहा, कि नयी टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए धन कोई समस्या नहीं है। हमें पहले ही टीएचडीसी लिमिटेड जैसी विद्युत उत्पादन कंपनियों से सहयोग का आश्वासन मिल चुका है। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री (पुष्कर सिंह धामी) को भी अवगत करा दिया है। दोस्तो यहां उनका दावा है कि नई टिहरी के पास इणिया क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) पहले ही तैयार किया जा चुका है। विधायक ने कहा कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में 400 बिस्तर वाला अस्पताल भी होगा। वैसे दोस्तो ये किशोर उपाध्याय की कार्यशैली में शामिल रहा है कि वो अपनी सरकार अपने ही मंत्री अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते रहे हैं, तो क्या एक बार फिर कुछ है होने वाला है बीजेपी के अंदर भी क्योंकि दोस्तो इससे पहले वो जब कांग्रेस में तो उनका धरना तत्कालीन सराकर के बड़ी टेंशन भी बना। खैर बात अलग है लेकिन यहां बात टिहरी मेडिकल कॉलेज की हो रही है दोस्तो जिस मेडिकल कॉलेज की नई टिहरी से नरेंद्रनगर सिफ्टिग पर ये बवाल मचा है उसकी इनसाइड स्टोरी ये है कि ये दोनों अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र हैं। दोनों क्षेत्रों का मतलब ये कि टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय। दूसरी और नरेंद्रनगर जहां से तालुक रखते हैं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल। दोस्तो आगे देखिए कैसे बीजेपी के अंदर मेडिकल कॉलेज ने कैसे खुलम खुल्ला तकरार है क्योंकि एक तरफ जहां किशोर उपाध्यान ने चेतावनी दी तो वहीं सुबोध उनियाल का ये रिएक्शन है कि बीजेपी के विधायक को ज्यादा उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए। इसको देख कर लगता है कि उत्तराखंड बीजेपी में अब टिहरी का मेडिकल कॉलेज की स्थापना सियासी टकराव का केंद्र बन गया है । मेडिकल कॉलेज की लोकेशन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। वैसी भी सियासी जानकार चुनावी टिकट को लेकर टिहरी की राजनीति को गर्माहट वाली बता रहे हैं। किशोर उपाध्याल के अलावा पूर्व विधायक दिनेश धनय और धन सिंह नेगी भी टिकट की दौड़ में हैं और चर्चा तो इस बात की है कि स्वास्थ्य मंत्री टिहरी से संभावनाएं तलाश रहे हैं अब देखना ये है कि पहले मेडिकल कॉलेज की सही लोकेशन तय की जाती है या फिर बीजेपी शुरू हुई इस नई लड़ाई को खत्म, ये वक्त बताएगा।