देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है। मतदाता सूची में सुधार के लिए चुनाव आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे ‘SIR’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तलवारें खिंच गई हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को “बदनियत” से प्रेरित और सत्ताधारी भाजपा के इशारे पर संचालित करने का गंभीर आरोप लगाया है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अकेले अपने दफ्तर से फॉर्म-6 को बदलने और ईसीआई नेट (ECI Net) की एक्सेसिबिलिटी से जुड़े कई अवैधानिक निर्णय लिए हैं, जो कि वास्तव में संसद (पार्लियामेंट) का अधिकार क्षेत्र है। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना और इन प्रदर्शनों की तुलना ‘अरब स्प्रिंग’ व बांग्लादेश के हिंसक घटनाक्रमों से करना उनकी खतरनाक मंशा को उजागर करता है। भाजपा इसे देश को अस्थिर करने का एक ‘अर्बन नक्सल’ और विदेशी ताकतों का एजेंडा बता रही है।