सारा केदारनाथ पहुंचीं, मौलाना पर क्यों भड़के शादाब? | Uttarakhand News

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बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर उपजे विवाद ने अब राजनीतिक व सामाजिक तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा की मंदिर यात्रा पर ऐतराज जताते हुए इसे शरीयत के खिलाफ बताया और उनसे खुदा से तौबा करने को कहा था। मौलाना के इस रुख पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बेहद कड़ा ऐतराज जताते हुए तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे मौलानाओं की दुकानें फतवों और विवादों के दम पर ही चलती हैं और अब वक्त आ गया है कि इनकी यह दुकानदारी बंद की जाए।

शादाब शम्स ने मौलाना की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब समाज में निकाह हलाला जैसी कुरीतियां हावी होती हैं या वक्फ संपत्तियों में हेराफेरी होती है, तब ये मौलाना फतवे जारी करने आगे क्यों नहीं आते। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के अनुसार पूजा या इबादत करने की पूरी आजादी है। किसी के धार्मिक स्थलों के दर्शन को मुद्दा बनाकर नफरत फैलाना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिए ऐसे बयान देने वालों को दूसरों की आस्था में दखल देने के बजाय समाज सुधार के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।