सीमांत जिले चमोली से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। सोमवार, 10 अगस्त की शाम को नीति घाटी में हुई मूसलाधार बारिश और अचानक बादल फटने के कारण तमक नाले में भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)-मलारी हाईवे पर बना एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैली ब्रिज (लोहे का पुल) ताश के पत्तों की तरह बह गया। पुल के अचानक बहने से पूरे सीमांत क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। तमक नाले पर बने इस पुल के ध्वस्त होने से नीति घाटी के करीब 15 से 17 सीमांत गांवों का तहसील मुख्यालय और बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। बाढ़ का वेग इतना भीषण था कि मौके पर मौजूद सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक डोजर और एक अन्य वाहन भी पानी के प्रचंड बहाव में समा गए। दुखद बात यह है कि हादसे के समय बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा BRO का एक स्थानीय ऑपरेटर/ड्राइवर भी इस उफान की चपेट में आकर लापता हो गया है। लापता ड्राइवर की पहचान पंकज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला है। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।