देहरादून में सरेराह दबंगई का वीडियो वायरल, भीड़ का हमला और इंसानियत दिखाने वालों को ही बना दिया निशाना! पटेलनगर के लालपुल में आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक स्कूली छात्र की मदद करने पहुंचे दो युवकों को खुद मारपीट का शिकार होना पड़ा? बेल्ट-डंडों से हमले के आरोप, लूटपाट की शिकायत और 20 युवकों के खिलाफ मुकदमा! पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन सवाल है— राजधानी में कानून का खौफ कहां है? क्या स्कूलों के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं बच्चे? देखिए, देहरादून की इस घटना की पूरी कहानी। दोस्तो मै बात करते हैं राजधानी देहरादून के दिल दहला देने वाले उस वायरल वीडियो की, जिसने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं! पटेलनगर के लालपुल इलाके में, सरेआम दिन-दहाड़े, 15 से 20 हुड़दंगियों की भीड़ एक युवक को जानवरों की तरह सड़क पर घसीटती है! बेल्ट, लात-घूंसों और डंडों से उसे तब तक पीटा जाता है जब तक कि उसका सिर लहूलुहान नहीं हो जाता! हैरानी की बात देखिए, ये सब कुछ हुआ एक नामी स्कूल के ठीक बाहर। आखिर इन गुंडों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं है? राजधानी की सड़कों पर ये कैसी गुंडागर्दी मची है? क्या आम जनता अब सड़कों पर सुरक्षित नहीं है? दोस्तो क्या उत्तराखंड की शांत वादियों में अब कानून का राज खत्म हो चुका है? क्या सूबे की राजधानी देहरादून अब गुंडों और मवालियों का नया अड्डा बन चुकी है? दोस्तो देहरादून का पटेलनगर इलाका उस वक्त दहल उठा जब सोशल मीडिया पर एक रूह कंपा देने वाला वीडियो सामने आया। तस्वीरें इतनी विचलित करने वाली हैं कि हम आपको इसे बिना ब्लर किए नहीं दिखा सकते। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे 15-20 युवकों की एक उग्र भीड़ कानून को ठेंगे पर रखकर एक युवक विवेक सहनी को सड़क पर पटककर बेरहमी से मार रही है। उसे बालों से पकड़कर बेल्टों और डंडों से तब तक पीटा गया जब तक कि वह अधमरा नहीं हो गया।
दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि इस बेरहमी के पीछे कोई बहुत बड़ी दुश्मनी होगी? तो सुनिए! घायल विवेक और उसके दोस्त अंकज का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने इंसानियत दिखाई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे, स्कूल के बाहर ये 20 गुंडे एक छोटे स्कूली छात्र को बेरहमी से पीट रहे थे। वह छात्र जान बचाने के लिए विवेक और अंकज के पास आया और मदद मांगी। जब इन दोनों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और पूछा कि बच्चे को क्यों मार रहे हो, तो इन दरिंदों का गुस्सा इन पर फूट पड़ा.. दोस्ोत ये सिर्फ मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि सरेआम डकैती और गुंडा टैक्स का नजारा है। पीड़ित अंकज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपियों ने डंडे, बेल्ट और धारदार पाटल से हमला किया। सिर्फ यही नहीं, जब विवेक बेहोश होने की कगार पर था, तो इन बदमाशों ने उसकी जेब से मोबाइल फोन, गले से चांदी की चेन और जेब में रखे ₹8,000 कैश भी लूट लिए! राजधानी देहरादून में दिन-दहाड़े हो रही इस लूट और गुंडागर्दी ने पुलिस की गश्त पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.. दोस्तो वीडियो वायरल होने और चौतरफा थू-थू के बाद दून पुलिस हरकत में आई। पटेलनगर पुलिस ने अंकज की तहरीर पर प्रज्वल, आदित्य गर्ग, आयुष पंडित और तुषार समेत 15 से 20 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोस्तो थोड़ी राहत की बात यह है कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। लेकिन सवाल वही है कि दो दिन पहले राजपुर में स्कूल के बाहर तलवारें लहराई गईं, और अब पटेलनगर में बेल्ट-डंडे चले। देहरादून के स्कूलों के बाहर ये कैसी गुंडागर्दी पनप रही है? आखिर युवाओं में कानून का खौफ पूरी तरह खत्म क्यों हो चुका है? दोस्तो बिल्कुल सही बात है, अगर राजधानी के स्कूलों के बाहर सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह हथियार, बेल्ट और डंडे चलेंगे, तो कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को बाहर भेजने से डरेगा। आज पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है, लेकिन जब तक ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त और नज़ीर बनने वाली कार्रवाई नहीं होती जिससे इनकी रूह कांप जाए, तब तक देवभूमि की यह शांत वादी गुंडागर्दी की आग में सुलगती रहेगी। दून पुलिस को अब इन 20 के 20 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजना होगा, ताकि जनता का भरोसा कानून पर बहाल रह सके। इस खौफनाक वारदात पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके जरूर बताएं।