Uttarakhand की सियासत में फिर ‘डेनिस पर दंगल’! | Uttarakhand News

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दोस्तो धन्यवाद यात्रा पर हाईकमान की रोक और हरदा का ऐसा पलटवार कि उत्तराखंड की सियासत में फिर छिड़ गई ‘डेनिस’ पर जंग! हरीश रावत बोले— “मैं तो डेनिस को डेनिम कहता था, भाजपा ने नाम रटवा दिया!” लेकिन सवाल है— करीब एक दशक पुराने विवाद पर हरदा अब खुद जांच की चुनौती क्यों दे रहे हैं? उत्तराखंड के मंत्री को खुला चैलेंज देकर क्या हरदा ने भाजपा को नई सियासी बहस में उलझा दिया है? या फिर इस दांव के पीछे छिपा है 2027 का बड़ा चुनावी गेम प्लान? दोस्तो उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर। कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ‘धन्यवाद यात्रा’ पर अचानक रोक लगा दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि हरदा के पंख कतरने की कोशिश की जा रही है। लेकिन राजनीति के मझे हुए खिलाड़ी हरीश रावत इतनी जल्दी हार मानते नहीं दिख रहे हैं। यात्रा पर रोक लगते ही हरदा ने एक ऐसा नया प्लान तैयार किया है, जिसने सीधे कैबिनेट को हिला कर रख दिया है। एक दशक पुराने ‘डेनिस’ शराब विवाद पर घिरे हरीश रावत ने अब बैकफुट पर जाने के बजाय फ्रंटफुट पर आकर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘मैं तो डेनिस को डेनिम कहता था, भाजपा ने रटवा दिया नाम!’ आखिर क्या है हरदा का यह नया दांव? कैसे यह विवाद कांग्रेस के लिए जीत का रास्ता बनाएगा? दोस्तो इस पोस्ट को देख रहे हैं ये पोस्ट हरीश रावत की है। इतनी लंबी चौड़ी है कि पूरी की पढु तो ना जाने कितना वक्त लगे लेकिन इस लेख का सार क्या वो मै आपको बताता हूं तोड़ा गौर कीजिएगा। दोस्तो विरोधियों को चौकाते हुए हरीश रावत ने करीब एक दशक पुराने ‘डेनिस’ शराब के मुद्दे पर सीधे सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा को खुली चुनौती दे डाली है।

दोस्तो हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर बेहद चुटीले और आक्रामक अंदाज में लिखा कि उस समय तो उन्हें ‘डेनिस’ नाम तक ठीक से मालूम नहीं था। वो अक्सर इसे कपड़ों के ब्रांड ‘डेनिम’ की तरह बोल दिया करते थे। लेकिन भाजपा नेताओं ने बार-बार इसका नाम जप-जपकर अब उन्हें यह नाम रटा दिया है। हरदा ने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘मेरा डेनिस, तेरा डेनिस’ का खेल अब बंद होना चाहिए। वहीं दोस्तो हरीश रावत यहीं नहीं रुके। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि डेनिस पर दंगल! अगर वे इसे घोटाला मानते हैं और इसका दोष उन पर मढ़ना चाहते हैं, तो सरकार में हिम्मत है तो इसकी जांच कराए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि एसटीएफ या किसी भी एजेंसी से इसकी जांच करा ली जाए अगर डेनिस इतनी ही खराब थी, तो वह आज भी आर्मी कैंटीनों में और मार्केट में धड़ल्ले से क्यों बिक रही है? क्या सरकार इस पर भी जवाब देगी?

दोस्तो राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धन्यवाद यात्रा रुकने के बाद हरीश रावत ने इस पुराने विवाद को खुद हवा देकर भाजपा के हाथों से एक बड़ा मुद्दा छीन लिया है। खुद जांच की मांग करके उन्होंने अपनी छवि को बेदाग साबित करने की कोशिश की है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर आक्रामक होकर हरदा ने न सिर्फ पार्टी के अंदर अपने विरोधियों को संदेश दिया है, बल्कि जनता के बीच यह माहौल बनाने की कोशिश की है कि सरकार उन्हें बेवजह टारगेट कर रही है। यह नया आक्रामक प्लान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर सकता है और आने वाले चुनावों में जीत का रास्ता साफ कर सकता है। तो देखा दोस्तो आपने, हरीश रावत को घेरने की कोशिश चाहे अपनों ने की हो या विरोधियों ने, हरदा ने ‘डेनिस’ विवाद को एक नया मोड़ देकर बाजी अपने हाथ में ले ली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा हरदा की इस खुली चुनौती को स्वीकार करते हैं या फिर ‘डेनिस’ का यह जिन्न सिर्फ बयानों तक ही सीमित रहेगा।