Chamoli गब्बर सिंह कहां गया? SDRF खंगाल रही पहाड़ | Gabbar Singh | Chamoli | Uttarakhand News

Spread the love

दयारा बुग्याल से महिला ट्रैकर बबीता पांडे की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि उत्तराखंड से एक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ गई है। इस बार विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से हरियाणा का एक निहंग गब्बर सिंह नाम का व्यक्ति रहस्यमय तरीके से लापता हो गया और यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब तलाश में जुटी टीमों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, तो जो जानकारी सामने आई उसने कई नए सवाल खड़े कर दिए। दोस्तो एक बढकर एक चौकाने वाले मामले अपने उत्तराखंड में देखने को मिल रहे हैं। बबीता पांडे दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता दो हफ्ता हो गया सुराग तक नहीं मिला विशेष चौहान पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से लापता एक कैमरा और सर्ट के अलावा कुछ नहीं मिला। दो हफ्ते हो गए और चमोली से लापता हुए हरियाणा के गब्बर सिंह ने प्रशासनिक लोगों की चिंका को बढा दिया है। इस मामले में तो एक नए तरह का खुलासा हो रहा है वो क्या है बताउंगा आपको आप अंत तक खबर जरूर देखिएगा और फिर जा कर आप स्वतंत्र हैं अपनी राय बनाने के लिए दोस्तो आखिर उत्तराखंड की इन ऊंची वादियों में क्या हो रहा है? क्या ये महज हादसे हैं, रास्ता भटकने की घटनाएं हैं या कुछ और समझ से परे हैं। बड़े-बड़े विद्यवान माथा पकड़ चुके हैं बल लेकिन किसी को कुछ सूझ ही नहीं रहा है। दोस्तो जो खबर दयारा बुग्याल के बाद अब फूलों की घाटी एक और गुमशुदगी, एक और रहस्य और जवाब की तलाश में जुटी एजेंसियां। आखिर कौन है गब्बर सिंह, कैसे हुए लापता और फोन कॉल से मिली वह चौंकाने वाली जानकारी क्या है?

दोस्तो 9 जून को गब्बर सिंह ने फूलों की घाटी के प्रवेश द्वार पर अपना नाम दर्ज कराया और नियमानुसार ट्रेकिंग के लिए घाटी के अंदर प्रवेश किया। सब कुछ सामान्य था। लेकिन शाम तक जब वे वापस नहीं लौटे तो वन विभाग की चिंता बढ़ गई। इसके बाद देर रात तक घाटी के दुर्गम इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया जिमसें SDRF और वन विभाग की टीमें घाटी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही हैं लेकिन अब तक कोई सुराग हरियाणा पर्यटक गब्बर सिंह का नहीं लगा लेकिन हां इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अधिकारियों ने गब्बर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई जानकारी की जांच शुरू की…गौर कीजिएगा दोस्तो प्रवेश रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबर पर जब संपर्क किया गया तो फोन किसी और व्यक्ति ने उठाया। और जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया।

दोस्तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि गब्बर सिंह तो करीब तीन साल पहले ही अपने घर से लापता हो चुके हैं। दोस्तो ये सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके बाद आधार कार्ड के विवरण की जांच की गई और यह बात सही पाई गई कि हरियाणा निवासी गब्बर सिंह वास्तव में पिछले तीन वर्षों से लापता चल रहे थे। अब सवाल यह है कि तीन साल से लापता व्यक्ति अचानक फूलों की घाटी तक कैसे पहुंच गया? आगर वह जीवित था तो इतने वर्षों तक कहां रहा? और अगर वह 9 जून को घाटी में आया था, तो फिर एक बार फिर रहस्यमय तरीके से कहां गायब हो गया? दोस्तो फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी के मुताबिक प्रवेश द्वार पर श्रद्धालु द्वारा जो मोबाइल नंबर लिखवाया गया था, वह पूरी तरह गलत है। जब उस नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले किसी अन्य व्यक्ति ने एक हैरान करने वाला दावा किया। गब्बर सिंह 3 साल पहले ही अपने घर से लापता हो चुके हैं। इसके बाद जब वन विभाग ने रजिस्टर में दर्ज कराए गए आधार कार्ड के विवरण के जरिए गहनता से तस्दीक की, तो आधिकारिक तौर पर भी यह पुष्टि हुई कि हरियाणा के रहने वाले गब्बर सिंह वास्तव में पिछले 3 सालों से लापता चल रहे हैं। दोस्तो यही सवाल अब इस पूरे मामले को एक साधारण गुमशुदगी से कहीं अधिक गंभीर बना रहे हैं। एक तरफ दयारा बुग्याल से बबीता पांडे की तलाश जारी है, वहीं दूसरी तरफ फूलों की घाटी से गब्बर सिंह का लापता होना जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोस्तो फिलहाल SDRF और वन विभाग की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि घाटी के सभी संभावित क्षेत्रों में तलाश की जा रही है और हर पहलू की जांच की जा रही है, लेकिन जब तक गब्बर सिंह का कोई सुराग नहीं मिलता, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि आखिर उत्तराखंड की इन खूबसूरत वादियों में क्या हो रहा है? फिलहाल सभी की निगाहें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा।