Char Dham Yatra Kedarnath में आस्था या वसूली? | VIP Darshan Controversy | BKTC | Uttarakhand News

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केदारनाथ में आस्था के दर पर ऐसा बवाल कि श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा! दर्शन और पूजा के नाम पर पैसों की डिमांड के आरोपों ने पंडा समाज से लेकर BKTC और प्रशासन तक को सवालों के घेरे में ला दिया है।56 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड के बीच अगर बाबा के दर पर ही पारदर्शिता पर सवाल उठें, तो जिम्मेदार कौन?वायरल वीडियो ने ऐसा क्या दिखाया कि अब सवाल सिर्फ वसूली का नहीं, पूरी व्यवस्था पर उठ रहा है? नमस्कार, पैलाग मै पंकज रौतेला आप देख रहे हैं उत्तराखंड न्यूज दोस्तो जो श्रद्धा देश-दुनिया से खींचकर श्रद्धालुओं को बाबा केदारनाथ के कठिन रास्तों पर ले जाती है, क्या आज उस आस्था का मज़ाक उड़ाया जा रहा है? ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम से एक ऐसा विचलित करने वाला और बेहद शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जिसने देवभूमि के प्रशासन और मंदिर समिति यानी BKTC के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं दोस्तो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाबा के दर्शन के लिए आए भोले के भक्त किस कदर आक्रोशित हैं। आरोप सीधे-सीधे पंडा समाज के कुछ लोगों पर हैं, जो दर्शन और विशेष पूजा के नाम पर कथित तौर पर मनमाफिक पैसों की डिमांड कर रहे हैं! वीआईपी ट्रीटमेंट और वीआईपी दर्शन के इस खेल ने आम भक्तों को लाइनों में तड़पने पर मजबूर कर दिया है। सवाल यह है कि साल-दर-साल रिकॉर्ड तोड़ते श्रद्धालुओं के बीच आखिर प्रशासन सो क्यों रहा है? दोस्तो बाबा केदार के दर पर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच आज एक ऐसा शोर गूंजा, जिसने पूरे देश के श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। केदारनाथ मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। वजह? आस्था के नाम पर जबरन पैसे वसूलने का आरोप! वायरल वीडियो में आक्रोशित तीर्थयात्री पंडा समाज के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का साफ कहना है कि वीआईपी दर्शन और विशेष पूजा के नाम पर भारी-भरकम रकम मांगी जा रही है, जो आम भक्तों की जेब और उनकी आस्था पर सीधा प्रहार है।

भक्तों की मांग है कि पूजा की रेट लिस्ट पूरी तरह पारदर्शी और फिक्स होनी चाहिए ताकि आस्था के नाम पर किसी का शोषण न हो। दोस्तो अब आपको बताता हूं कि क्यों कठघरे में है BKTC, कठघरे में मंदिर BKTC- यात्रियों का आरोप दर्शन और पूजा के नाम पर अवैध वसूली और दबाव। कठघरे में मंदिर BKTC, BKTC का रुख, उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने कहा- मामले को गंभीरता से लिया गया है, कार्रवाई जारी है। कठघरे में मंदिर BKTC, बड़ा सवालजब हर साल ऐसी शिकायतें आती हैं, तो परमानेंट सिस्टम क्यों नहीं बनता? दोस्तो एक तरफ उत्तराखंड सरकार और प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है कि इस साल चारधाम यात्रा ने इतिहास रच दिया है । सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक। चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 56.18 लाख के सर्वकालिक रिकॉर्ड को पार कर चुकी है चारधाम यात्रा ने 56 लाख से अधिक (श्रद्धालुओं) के साथ नया रिकॉर्ड बनाया ।

अकेले बाबा केदारनाथ के धाम में 16.78 लाख से अधिक श्रद्धालु माथा टेक चुके हैं। दोस्तो तो उत्तराखंड चारधाम यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार पहुंची। लेकिन सवाल यही उठता है कि जब करोड़ों रुपये का राजस्व आ रहा है और लाखों की भीड़ उमड़ रही है, तो बीकेटीसी और स्थानीय प्रशासन का मैनेजमेंट ग्राउंड पर ज़ीरो क्यों साबित हो रहा है? हाल ही में केदारनाथ में श्रद्धालुओं के दान की राशि से अधिकारियों द्वारा आतिथ्य सत्कार में वित्तीय अनियमितता का मामला भी सामने आया था केदारनाथ दानराशि घोटाला: श्रद्धालुओं के पैसे से आतिथ्य सत्कार के …। ऐसे में भक्तों के पैसों की सुरक्षा और उनके सम्मान की जिम्मेदारी किसकी है? दोस्तो क्या केदारनाथ का पूरा सिस्टम कुछ रसूखदारों के आगे घुटने टेक चुका है? बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने मर्यादा बनाए रखने की अपील तो कर दी, लेकिन केवल ‘जांच का आश्वासन’ देना ही काफी नहीं है केदारनाथ में तीर्थयात्रियों ने पंडा समाज के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, दर्शन के लिए पैसे मांगने का आरोप।। जब पुलिस प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की फौज वहां तैनात रहती है, तो गर्भगृह और मंदिर के मुख्य द्वार के सामने इस तरह सरेआम यात्रियों को डरा-धमकाकर पैसे कैसे मांगे जा सकते हैं? क्या बिना प्रशासनिक सांठगांठ के यह खेल संभव है? आम यात्री जो घंटों लाइन में लगकर, ठंड में ठिठुरते हुए अपनी बारी का इंतजार करता है, उसे धक्के मिलते हैं और जो पैसे फेंकता है, उसे तत्काल बाबा के गर्भगृह में प्रवेश मिल जाता है—ये सनातन की कैसी व्यवस्था बनाई जा रही है? दोस्तो अगर इन रीलबाजों और अवैध वसूली करने वाले सिंडिकेट पर तुरंत कड़ा और दंडात्मक एक्शन नहीं लिया गया, तो देवभूमि की छवि को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई सरकार कभी नहीं कर पाएगी। जनता अब ‘कार्रवाई की जा रही है’ जैसे बयानों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, उसे केदारपुरी में पारदर्शी और स्वच्छ व्यवस्था चाहिए.. दोस्ोत 56 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का आना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, लेकिन उनके साथ ऐसा बर्ताव बेहद शर्मनाक है चारधाम यात्रा ने 56 लाख से अधिक (श्रद्धालुओं) के साथ बनाया नया रिकॉर्ड । देखना होगा कि मंदिर समिति इस वीडियो के सामने आने के बाद क्या केवल कागजी नोटिस जारी करती है या जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव लाती है।