उत्तराखंड के गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बेलगाम महंगाई के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा और आक्रामक मोर्चा खोल दिया है। आज, 27 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और वरिष्ठ नेता करण महरा के नेतृत्व में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कांग्रेस नेता बैरियर पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाए।
कांग्रेस ने इस आंदोलन के जरिए विभिन्न भर्ती घोटालों, महिला सुरक्षा (विशेषकर अंकिता भंडारी मामले) और बदहाल स्वास्थ्य व बुनियादी सेवाओं सहित कुल 14 प्रमुख जनहित के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और जनता की मूल समस्याओं पर पूरी तरह मौन साधे हुए है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां और हालिया बजट पूरी तरह से राज्य के विकास, नवाचार और जन-कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित हैं। बहरहाल, विधानसभा सत्र के बीच सड़क पर हुए इस भारी बवाल ने राज्य की सियासी तपिश को बेहद बढ़ा दिया है।