हरिद्वार में कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसने संगठन की अंदरूनी गुटबाजी को सरेआम उजागर कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त और वर्तमान सरकार के विरोध में शिवमूर्ति चौक से शुरू हुए इस मार्च में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी नेता गुरजीत लहरी और मंगलौर के कांग्रेसी नेता जितेंद्र पंवार के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए और रैली स्थल पर जमकर हंगामा व मारपीट हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह हिंसक झड़प उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से उबल रही कलह का सीधा नतीजा मानी जा रही है। दरअसल, आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हरीश रावत द्वारा पार्टी लाइन से अलग हटकर निकाली जा रही व्यक्तिगत ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर आलाकमान बेहद नाराज है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने इसे ‘समानांतर कार्यक्रम’ बताते हुए रावत को लिखित रूप से यात्रा रोकने की हिदायत दी थी, लेकिन वरिष्ठ नेता के अड़े रहने से पार्टी में तनाव चरम पर पहुंच गया। हरिद्वार की इस घटना ने साफ कर दिया है कि शीर्ष स्तर की यह खींचतान अब जमीनी कार्यकर्ताओं तक पहुंच चुकी है, जिसने न सिर्फ कांग्रेस के एकजुटता के दावों की हवा निकाल दी है बल्कि विपक्षी दल भाजपा को भी हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है।