Dehradun पुलिस ने खोले शातिर के चौंकाने वाले राज | Political Fraud | Congress | Uttarakhand News

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चुनाव नजदीक और क्या शुरू हो गया है पर्दे के पीछे एक बड़ा खेल?“माननीय” बनने के सपने टिकट दिलाने का झांसा और फिर लाखों की ठगी!क्या राजनीति के नाम पर जनता की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ हो रहा है?ये कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हकीकत है उस शातिर ठग की, जो खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर लोगों को“माननीय” बनाने का सपना दिखाता था। क्या ये सिर्फ एक अकेले ठग का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?चुनाव से पहले ऐसे फर्जीवाड़े क्यों बढ़ जाते हैं?क्या टिकट और पद की चाहत लोगों को ठगी का आसान शिकार बना रही है? जी हां दोस्तो इस तस्वीर को देख रहे हैं पुलिस के चुंगुल में ये जो गिरफ्तार शख्स खड़ा है ये बेहद ही शातिर किस्म का है। दोस्तो अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। दोस्तो यहां कुछ लोगों के खुल कर नाम नहीं ले रहा हूं वो ठीक नहीं होगा। लेकिन मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि ठगी करे वालों के पास क्या कितने ऐसे तरीके हैं कि वो अब सियासी बड़ी पार्टियों को भी नहींछोड़ रहे हैं। दोस्तो एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के सरगना को थाना राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोस्तो चौकेने वाली बात ये है कि आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर एक महिला जनप्रतिनिधि से ठगी की थी। आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से राजनैतिक पार्टियों से जुडे वरिष्ठ नेताओं और उनके सहयोगियों, करीबियों के संबंध में जानकारी जुटाई थी।

आरोपी पर कई अन्य राज्यों में भी राजनैतिक पार्टियों से जुड़े नेताओं से पद व टिकट दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। साथ ही आरोपी के उत्तराखंड में भी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। दोस्तो दरअसल एक महिला ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि कनिष्क सिंह नाम का एक व्यक्ति ने खुद को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताते हुए उनसे उत्तराखंड राज्य में सर्वे और पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलवाने के एवज में 25 लाख रुपए की मांग की गई। 13 अप्रैल को व्यक्ति ने अपने एक साथी को पीड़िता के आवास पीनाकिल रेजिडेंसी जाखन भेजा गया, जहां वादिनी से 25 लाख रुपए लिया गया। धनराशि लेने के बाद व्यक्ति कनिष्क ना तो उनका फोन उठा रहा है ना ही उनके पैसे वापस लौटा रहा है। व्यक्ति के संबंध में जानकारी करने पर उसके द्वारा पहले भी कई राज्यों में बड़े नेताओं के साथ इसी प्रकार धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई। दोस्तो तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मुकदमा दर्ज किया गया। धोखाधड़ी में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने सीसीटीवी कैमरे और मुखबिर के माध्यम से ठगी की घटना में शामिल आरोपी के संबंध में जानकारी की गई तो घटना में शामिल मुख्य आरोपी के उत्तराखंड में भी राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के सम्पर्क में होने और राष्ट्रीय पार्टी के एक पदाधिकारी को टिकट दिलवाने के नाम पर उससे एक मॉल जाखन में पैसे लेने आने की जानकारी प्राप्त हुई। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कनिष्क उर्फ गौरव कुमार को जाखन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोस्तो थाना राजपुर पुलिस के मुताबिक आरोपी का असली नाम गौरव कुमार है और वह मूल रूप से अमृतसर पंजाब का रहने वाला है। उसके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी राजनैतिक पार्टियों से जुडे उनके वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं और उनके करीबियों/सहयोगियों के संबंध में जानकारियां जुटाई गयी थी। दोस्तो इस शातिर की कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती है, दोस्तो इस दौरान कनिष्क सिंह नाम के एक व्यक्ति, जो साल 2003 से 2015 तक एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी के निजी सचिव के रूप में कार्यरत था।

वर्तमान समय में भी पदाधिकारी का काफी करीबी होने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई जिस पर उसके द्वारा कनिष्क सिंह के नाम से ट्रू-कॉलर में एक आईडी बनाई, उसके बाद neta.com साइट पर जाकर राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टी से जुडे पूरे देश के वरिष्ठ नेताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई और अपने 3 अन्य साथियों छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू, जो पंजाब के ही रहने वाले हैं। दोस्तो आरोपी ने खुद राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी का निजी सचिव बताते हुए साल 2017 में जयपुर राजस्थान में 2 नेताओं को विधायक का टिकट दिलवाने के एवज में उनसे अलग-अलग एक करोड़ 90 लाख और 12 लाख रुपए लिए गए। साल 2025 में भी उसके द्वारा इसी प्रकार पटना बिहार में राजनैतिक पार्टी से जुडे एक नेता से पार्टी में पद दिलाने के एवज में 3 लाख रुपए लिए गए। आरोपी ने अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हुए राजनैतिक पार्टियों से जुडे अन्य व्यक्तियों से भी मोटी धनराशि लिए जाने की बात बताई गई है जिसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है तो देखा आपने कैसे “माननीय” बनने का सपना, लाखों की ठगी में बदल दिया गया, एक शातिर जो खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाता रहा और लोगों की महत्वाकांक्षाओं को अपना हथियार बनाता रहा।लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी है—क्या ये सिर्फ एक आरोपी की कहानी है या फिर इसके पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?क्योंकि जिस तरह से देश के अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। वो इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना देता है।चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में अगर “टिकट” और “पद” के नाम पर ठगी का ये खेल चल रहा है तो ये सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि लोकतंत्र के भरोसे का भी सवाल है।क्या अब भी लोग ऐसे झांसे में आते रहेंगे?या फिर इस मामले से सबक लेकर सतर्क और जागरूक बनेंगे?