दोस्तो राजधानी देहरादून में बदमाश इतने बेखौफ हो चुके हैं कि अब देर रात घर लौटना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। आईटी पार्क से ड्यूटी कर घर लौट रहे एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बदमाशों ने रास्ते से अगवा किया, पहले उसके साथ मारपीट की, फिर लूटपाट की और उसके बाद उसे पुल से नीचे फेंककर फरार हो गए। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने के बाद युवक पूरी रात दर्द से तड़पता रहा, लेकिन हैरानी की बात ये है कि राजधानी की नाइट पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था को इस वारदात की भनक तक नहीं लगी। आखिर देहरादून में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। दोस्तो राजधानी देहरादून में दिन पर दिन बदमाशों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला प्रिंस चौक का है। जहां ऑटो का इंतजार कर रहे युवक को अगवा कर सुनसान जगह में ले जाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। यही नहीं आरोपियों ने उसके बाद युवक को पुल से नीचे फेंक दिया। पीड़ित युवक की पहचान आकाश निवासी कांवली रोड के रूप में हुई है। पीड़ित युवक के अनुसार ऑफिस से लौटने के बाद प्रिंस चौक पर वो ऑटो का इंतजार कर रहा था। जहां स्कूटी सवार दो युवक पहुंचे। युवकों ने उसके मुंह पर कपड़ा डाल दिया। जिसके बाद वो उसे अगवा कर सुनसान जगह ले गए। गुरुवार देर रात ड्यूटी से घर लौट रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ थाना प्रेमनगर क्षेत्र में लूट और मारपीट का मामला सामने आया है। स्कूटी सवार दो बदमाशों ने युवक का सहस्रधारा क्रॉसिंग से अपहरण कर लिया और लूटपाट के बाद जामुनवाला पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक पूरी रात पत्थरों के बीच जिंदगी और मौत से जूझता रहा। सुबह स्थानीय लोगों ने पास की मौजूद आर्मी क्षेत्र के जवानों को जानकारी दी जिसके बाद सेना के जवानों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर का रेस्क्यू किया।
दोस्तो घायल सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। युवक के पिता की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। शिवाजी मार्ग कांवली रोड निवासी युवक के पिता विनोद कुमार ने थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि, उनका बेटा आकाश कुमार (23 वर्षीय) आईटी पार्क स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उसकी ड्यूटी शाम छह बजे से रात दो बजे तक रहती है। गुरुवार रात करीब सवा दो बजे वह सहस्रधारा क्रॉसिंग पर घर जाने के लिए ऑनलाइन बाइक बुक कर रहा था। इसी दौरान स्कूटर सवार दो युवक वहां पहुंचे और जबरन आकाश को अपने साथ ले गए। पीड़ित युवक की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है. साथ ही युवक अभी मानसिक और शरीर रूप से पूरी तरह सामान्य नहीं है, जिसके चलते वह घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। दोस्तो यहां आपको बता दूं कि आरोपी आकाश को घंटाघर, बिंदाल पुल और गढ़ी कैंट होते हुए जामुनवाला पुल तक ले गए. वहां बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट की, उसका बैग, दो मोबाइल फोन और पर्स में रखे 700 रुपये लूट लिए। इसके बाद आरोपियों ने आकाश को पुल से नीचे नदी में फेंक दिया और दोस्तो कहा तो ये भी जा रहा है कि गिरने से युवक की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। घायल हालत में वह पूरी रात नदी किनारे पत्थरों के बीच पड़ा रहा। बीती सुबह आसपास के लोगों ने उसकी आवाज सुनकर पास ही मौजूद आर्मी क्षेत्र के जवानों को घटना की जानकारी दी जिसके बाद आर्मी जवानों ने रेस्क्यू किया। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई. जिसके बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में आकाश का इलाज दून अस्पताल में चल रहा है, तो सवाल बड़ा है कि आखिर राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? देर रात ड्यूटी से घर लौट रहे एक युवक को अगवा कर उसके साथ लूटपाट और बेरहमी से मारपीट की जाती है, फिर उसे पुल से नीचे फेंक दिया जाता है और पूरी रात किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती ये घटना सिर्फ एक युवक पर हमला नहीं बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और नाइट पेट्रोलिंग पर बड़ा सवाल है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन देखना होगा कि आखिर कब तक बदमाश कानून के शिकंजे में आते हैं।