उत्तराखंड के चमोली में आसमान से ऐसी आफत बरसी कि देखते ही देखते हालात बिगड़ गए।बादल फटने के बाद नाले में आया जबरदस्त उफान और तमक के पास वैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आकर बह गया। कैसे सुबह होते ही मच गया हहाकार। बताउँगा आपको पूरी खबर और सबसे चिंता की बात ये है कि BRO का एक कर्मचारी भी लापता बताया जा रहा है। आखिर चमोली में नाले के उफान ने कितनी बड़ी तबाही मचाई? दोस्तो चमोली नीती घाटी जाने वाले लोग फिलहाल सावधान हो जाएं!लगातार बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा तो तमक नाले पर बना वैली ब्रिज भी उफनते पानी की चपेट में आ गया। दोस्तो चमोली में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार बारिश, पहाड़ों से उतरता पानी और देखते ही देखते उफनते नदी-नाले। दोस्तो तमक नाले में पानी का बहाव इतना बढ़ा कि नीती घाटी को जोड़ने वाला वैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आ गया। दोस्तो तस्वीरें साफ बता रही हैं कि हालात कितने खतरनाक हैं। तेज बहाव के बीच पुल के आसपास खतरा बना हुआ है और ऐसे में नीती घाटी की ओर जाने वाला रास्ता फिलहाल सुरक्षित नहीं है। चमोली जिले में तमक नाला उफान पर आने से उसके ऊपर बना पुल टूटकर बह गया। पुल के टूट जाने के बाद कारण मलारी से आगे यातायात बाधित हो गया है। चमोली पुलिस के मुताबिक, फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इलाके में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच चमोली जिले की नीति घाटी से बड़ी घटना सामने आई है। लगातार हुई तेज बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया, जिसकी चपेट में आने से तमक के पास बना वैली ब्रिज बह गया। पुल बहने के साथ ही सीमांत क्षेत्र का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के बाद हालात तेजी से बिगड़े। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों के ऊपरी हिस्से में बादल फटने जैसी घटना के कारण भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे आया, जिससे तमक नाला विकराल रूप में बहने लगा। तेज बहाव ने पुल को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते वह बह, पुल बहने से नीति घाटी के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। इतना ही नहीं, मलबे की चपेट में आने से क्षेत्र के किसानों के सेब के बगीचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। कई गाड़ियों के बहने की भी खबर है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना में बीआरओ का एक कर्मचारी भी लापता बताया जा रहा है। लापता कर्मचारी हवलदार बताया जा रहा है । उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर चमोली जिला अधिकारी गौरव कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभी तक एक ब्रिज, एक गाड़ी, एक ट्रक और एक हवलदार रैंक में कर्मचारी के बहने की सूचना है।
दोस्तो इन तस्वीर को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ों कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद मलारी से आगे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नाले के जलस्तर समेत आसपास के हालात पर नजर बनाए रखी गई है। चमोली पुलिस ने बताया कि अब तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थिति को देखते हुए आपदा टीमें मौके पर तैनात हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। इसके साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर भेजी गई हैं। टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव की तैयारियों को लेकर काम कर रही हैं.तो दोस्तों, चमोली की ये तस्वीरें एक बार फिर पहाड़ों में मौसम की ताकत और खतरे का एहसास करा रही हैं।तमक नाले के उफान में वैली ब्रिज के बहने से मलारी से आगे आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि एक वाहन, ट्रक और BRO के एक कर्मचारी के बहने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है।हालांकि प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर नजर बनाए हुए हैं और SDRF-NDRF की टीमें भी राहत और बचाव की तैयारियों में जुटी हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेना और किसी भी संभावित खतरे से लोगों को सुरक्षित रखना है। ऐसे में लोगों से अपील है कि खराब मौसम के बीच नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।