उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुष्कर सिंह धामी सरकार ने विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए अपनी वित्तीय पोटली खोल दी है। Uttarakhand Supplementary Budget 2026 ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹7,844.18 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर पेश किया। इस नए बजटीय प्रावधान को मंजूरी मिलने के बाद उत्तराखंड के वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के कुल बजट का आकार बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ (₹1,19,547.39 करोड़) की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। सरकार ने इस बजट में ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को दोहराते हुए आधे से अधिक धनराशि विकास कार्यों और पूंजीगत संपत्तियों के निर्माण पर खर्च करने का निर्णय लिया है। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए धामी सरकार ने निकायों की राज्य कर राजस्व में हिस्सेदारी को 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का बड़ा फैसला लिया है। इस मद के लिए अनुपूरक बजट में ₹721 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के पास विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध होगा।
किसान, कुंभ, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सौगातें
धान और गेहूं खरीद (Farmers Push): किसानों से फसल खरीद को सुगम बनाने के लिए ₹1,100 करोड़ की भारी-भरकम राशि आरक्षित की गई है।
हरिद्वार दिव्य कुंभ मेला: आस्था के इस महाकुंभ के आयोजन और व्यवस्थाओं को भव्य बनाने के लिए ₹290 करोड़ का फंड मंजूर हुआ है। इसके अलावा हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर के लिए ₹30 करोड़ अलग से दिए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र (Power Grid Expand): बिजली ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ खुरपिया फार्म परियोजना के लिए लगभग ₹270 करोड़ आवंटित हुए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा (Ayushman Uttarakhand): स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे, मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए ₹160 करोड़, गोल्डन कार्ड सेवाओं के लिए ₹125 करोड़ और अटल आयुष्मान योजना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
जोशीमठ आपदा राहत: जोशीमठ और आपदा से प्रभावित अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भू-धंसाव रोकने और सुरक्षात्मक कार्यों के लिए ₹48 करोड़ का बजट तय किया गया है।