Haldwani Rahul Gandhi पर कानूनी शिकंजा! | SC ST Act | BNS | Congress | BJP | Uttarakhand News

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दोस्तो क्या भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा धमाका देवभूमि उत्तराखंड की धरती से होने जा रहा है? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इस वक्त गिरफ्तारी की तलवार लटक चुकी है, और नैनीताल पुलिस किसी भी पल बड़ा एक्शन ले सकती है इधर सूत्रों का दावा है कि हल्द्वानी में दर्ज SC/ST एक्ट और BNS की संगीन धाराओं के तहत पुलिस की खुफिया टीमों का गठन हो चुका है और दिल्ली के लिए रवानगी की उलटी गिनती शुरू है! लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट भी है जिससे उत्तराखंड पुलिस के साथ सरकार भी आ सकती है बैकफुट पर। दोस्तो पूरा मामला दिल्ली से देहरादून और अब हल्द्वानी तक सुलग रहा है। 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ संगठनों ने मंच का शुद्धिकरण किया था। इस पर राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे ‘छुआछूत’ और ‘दलित विरोधी कृत्य’ करार दिया था, लेकिन खेल तब पलट गया जब वाल्मीकि समाज के अमित कुमार की तहरीर पर हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ ही SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया! वादी का आरोप है कि राहुल ने एक सामान्य धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देकर अनुसूचित जाति की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

दोस्तो राजनीतिक गलियारों से खबरें इस वक्त बेहद चौंकाने वाली आ रही हैं जहां एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनन कार्रवाई के लिए एक सीक्रेट ब्लूप्रिंट तैयार किया है। बाकायदा पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है जो किसी भी समय दिल्ली के लिए कूच कर सकती हैं। इस पूरे एक्शन की पल-पल की रिपोर्ट खुद आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती बेहद क्लोजली मॉनिटर कर रही हैं! उत्तराखंड की ‘मित्र पुलिस’ क्या वाकई संसद के नेता प्रतिपक्ष को गिरफ्तार करने का इतना बड़ा कदम उठाने जा रही है? कानूनी जानकारों की मानें तो SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में पुलिस के पास सीधे अरेस्टिंग के अधिकार होते हैं, लेकिन दोस्तो इस बीच मल्लिकार्जुन ने क्या कहा वो पहले आप देखिए। दोस्तो एक तरफ उत्तराखंड पुलिसिया प्लान की वो राहुल गांधी को दिल्ली से गिरफ्तार करेगी। वहीं दूसरी ओर एक और अंदर की खबर है। इस बिसात पर शह और मात का खेल कांग्रेस के खेमे से भी बुना जा रहा है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से यह खबर तेजी से तैर रही है कि राहुल गांधी इस कानूनी चक्रव्यूह को एक बड़े राजनीतिक हथियार में बदलने की तैयारी कर चुके हैं।

रणनीति के तहत राहुल गांधी पुलिस को उन्हें दिल्ली में छूने का मौका ही नहीं देंगे, बल्कि वे अचानक खुद हल्द्वानी पहुंचकर सीधे पुलिस या कोर्ट के सामने सरेंडर कर सकते हैं! अगर राहुल ऐसा करते हैं, तो कुमाऊं की धरती पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ेगा, और ये पूरा मामला एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लेगा। दोस्तो इस पूरे मामले ने देवभूमि की सियासत का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। जहां बीजेपी इसे कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज को दबाने की सोची-समझी साजिश कह रही है। लेकिन एक बात साफ है— हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज यह एक मुक़दमा देश की राजनीति की दिशा तय करने जा रहा है, क्या पुलिस पहले पहुंचेगी, या राहुल गांधी का सरेंडर मास्टरस्ट्रोक इस स्क्रिप्ट को बदल देगा? दोस्तो हल्द्वानी की सड़कों पर इस वक्त सिर्फ फोर्स की हलचल नहीं है, बल्कि देश की निगाहें टिकी हैं। राजनीति का ये कुरुक्षेत्र अब क्या मोड़ लेगा, यह कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगा। लेकिन दोस्तो आपको क्या लगता है? क्या राहुल गांधी पर हल्द्वानी में दर्ज यह मुकदमा राजनीतिक द्वेष है या वैधानिक कार्रवाई? क्या राहुल का अचानक हल्द्वानी आकर सरेंडर करना सही रणनीति होगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।