Haridwar Deepika Rathore के आरोपों से खलबली!| Urmila Sanawar | Suresh Rathore | Uttarakhand News

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उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम का राज खोलने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार पुलिस ने रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की लिखित शिकायत के बाद की गई. इस गिरफ्तारी के बाद से उत्तराखंड के सियासी और प्रशासनिक हल्कों में भारी खलबली मच गई है क्योंकि उर्मिला की गिरफ्तारी उनके नार्को टेस्ट की अदालती प्रक्रिया से ठीक पहले हुई है. उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर दोनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक कथित ऑडियो क्लिप के मामले में देहरादून की विशेष सीबीआई (CBI) अदालत में नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अपनी सहमति दी थी. सोमवार (26 अक्टूबर) को अदालत में इस टेस्ट की रूपरेखा और तारीखों को लेकर अहम सुनवाई होनी थी. लेकिन उर्मिला के जेल जाने और सुरेश राठौर द्वारा अपने स्वास्थ्य कारणों का हलफनामा देने के चलते फिलहाल यह सुनवाई टल गई है.

कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट में ‘वीआईपी’ के बड़े चेहरों को बेनकाब करने वाली थीं, इसलिए सोची-समझी टाइमिंग के तहत उन्हें जेल भेजा गया है ताकि वीआईपी को बचाया जा सके. शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर ने व्हाट्सएप कॉल कर दीपिका से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी. मांग पूरी न करने पर पूरे परिवार को जान से मारने और सोशल मीडिया के जरिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को अश्लील व अपमानजनक टिप्पणियों से धूमिल करने का आरोप लगाया गया. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और केस दर्ज होने के महज 12 घंटों के भीतर उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और उनके घर का सीसीटीवी डीवीआर भी जब्त कर लिया है. यह महिला पिछले डेढ़ साल से हमारे परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी. पूर्व में मेरी फोटो और वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया ताकि मेरा चरित्र हनन किया जा सके. उस दौर में मैं इतने भयंकर मानसिक तनाव से गुजरी कि मैंने आत्महत्या करने तक का मन बना लिया था. अब हाल ही में जब उसने दोबारा कॉल कर 5 करोड़ रुपये और रविदास धाम की जमीन मांगी, तो मैंने पुलिस की शरण ली. मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा है कि अब हमें न्याय मिलेगा।