Chakrata Congress में कथित Viral Audio पर भारी बवाल!। Pritam Singh । Boby Panwar । Uttarakhand News

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त्यूनी, देहरादून से बड़ा सवाल—क्या बेटियों की राजनीतिक पसंद पर भी दबाव बनाया जाएगा? एक कथित ऑडियो वायरल। एक दिव्यांग कर्मचारी की शिकायत और अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सीधे पीड़ित परिवार से संवाद! चकराता के कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाइयों पर गाली-गलौज, धमकी और बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। लेकिन सवाल यह है—क्या है वायरल ऑडियो में? परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं? और मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी? देखिए, त्यूनी से सामने आए इस पूरे विवाद की कहानी। दोस्तो सवाल बड़ा है कि क्या देवभूमि उत्तराखंड में रसूखदार नेताओं के लिए कानून और मर्यादा कोई मायने नहीं रखते? सवाल यह भी है कि क्या अब किसी गरीब और दिव्यांग कर्मचारी की बेटियों को जबरन किसी राजनीतिक दल की सदस्यता दिलाई जाएगी? और अगर वो ऐसा न करें, तो क्या उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाएगी? दोस्तो चकराता में इन दिनों सियासी हलचल तेज है। बॉबी पंवार की बढ़ती सक्रियता के बीच कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई पर एक दिव्यांग लाइनमैन के साथ गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगे हैं। इस मामले से जुड़ा कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं, बॉबी पंवार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब ये गुंडागर्दी ज्यादा दिन नहीं चलेगी। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और अब सबकी नजर जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। दोस्तो उत्तराखंड की सियासत में भूचाल ला देने वाला यह सनसनीखेज मामला देहरादून के त्यूनी से सामने आया है। जहाँ चकराता के कद्दावर कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाइयों पर एक दिव्यांग लाइनमैन और उसकी कॉलेज जाने वाली बेटियों को धमकाने और गाली-गलौज करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला सिर्फ पुलिस थाने तक नहीं थमा, बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस कथित वायरल ऑडियो प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सीधे पीड़ित परिवार से बात की है। क्या है यह पूरी ‘दबंगई’ की इनसाइड स्टोरी और कैसे एक कॉल ने हड़कंप मचा दिया। दोस्तो उत्तराखंड के राजनैतिक गलियारों में इस वक्त एक कथित ऑडियो क्लिप ने जबरदस्त बवंडर खड़ा कर दिया है। मामला त्यूनी विद्युत उपखंड में कार्यरत एक दिव्यांग लाइनमैन बालक राम चौहान से जुड़ा है, जिन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि चकराता के कद्दावर कांग्रेस नेता और विधायक प्रीतम सिंह के भाइयों—पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और राजपाल सिंह ने उन्हें फोन पर भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की गंभीर धमकी दी।

सियासत से इतर दोस्तो इस मामले में शिकायत के मुताबिक, पीड़ित बालक राम की दो बेटियां दीक्षा और साक्षी त्यूनी राजकीय महाविद्यालय में पढ़ती हैं और उन्होंने छात्रसंघ चुनाव लड़ा था। आरोप है कि बीते 7 अक्टूबर को आरोपियों ने एक के बाद एक कई फोन कॉल्स किए और बालक राम पर दबाव बनाया कि वे अपनी दोनों बेटियों की जॉइनिंग जबरन कांग्रेस पार्टी में करवा दें। जब पीड़ित ने मना किया, तो फोन पर अमर्यादित व्यवहार किया गया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों को पता चला कि बातचीत रिकॉर्ड हो गई है। आरोप है कि इसके बाद वे कुछ असामाजिक तत्वों को लेकर सीधे त्यूनी बिजली घर धमक पड़े और वहां मौजूद कर्मचारियों के सामने भी जमकर उत्पाद मचाया और पूरे परिवार को देख लेने की धमकी दी। दोस्तो इस गंभीर मामले ने जैसे ही तूल पकड़ा, सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएम धामी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सीधे पीड़ित बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें हरसंभव सरकारी मदद और पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया है। इसके साथ ही सीएम ने देहरादून एसएसपी को मामले की गहनता से जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। दोस्तो मुख्यमंत्री के दखल के बाद अब देहरादून पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच में तेजी से जुट गई है। पीड़ित परिवार इस वक्त गहरे सदमे और खौफ में जीने को मजबूर है। बहरहाल, इस कथित ऑडियो ने उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेताओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद कानून के हाथ इन रसूखदार आरोपियों के गिरेबान तक कब और कितनी जल्दी पहुंचते हैं।